Odisha: कार और ट्रक की टक्कर में 2 BJP नेताओं की मौत, घायल व्यक्ति ने जताई हमले की आशंका
Odisha: ओडिशा के संबलपुर जिले में एक दर्दनाक घटना में भारतीय जनता पार्टी के दो प्रमुख नेताओं की जान चली गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर रात करीब 1:30 बजे हुए इस हादसे में एक डंपर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान देबेंद्र नायक जो भाजपा के गोशाला मंडल के अध्यक्ष थे और मुरलीधर छुरिया पूर्व सरपंच के रूप में हुई। यह दोनों वरिष्ठ भाजपा नेता नौरी नाइक के करीबी माने जाते थे।
घटनाक्रम और बचे हुए व्यक्ति का बयान
दुर्घटना केवल एक साधारण हादसा नहीं थी। बल्कि इसमें साजिश का संदेह जताया जा रहा है। कार में मौजूद बचे हुए व्यक्ति सुरेश चंदा ने दावा किया कि डंपर ने जानबूझकर गाड़ी को पीछे से तीन बार टक्कर मारी।

पहले दो टक्करों के बाद ड्राइवर ने ग्रामीण सड़क पर गाड़ी मोड़ने की कोशिश की। लेकिन डंपर ने पीछा करते हुए गाड़ी को पलटा दिया। चंदा के अनुसार यह बार-बार की टक्कर इस ओर इशारा करती है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी। बल्कि इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने डंपर को जब्त कर उसके चालक को हिरासत में लिया। संबलपुर के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार भामू ने इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि जानबूझकर टक्कर के आरोपों की गहराई से जांच की जाएगी।
परिवारों और बचे हुए व्यक्तियों के दावों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही है। जिसमें हादसे के पीछे कोई राजनीतिक साजिश या अन्य कारण शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय भाजपा समुदाय में शोक और आक्रोश
इस घटना ने भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भारी दुख और गुस्से की लहर पैदा कर दी है। वरिष्ठ नेता नौरी नाइक जो घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इसे एक जानबूझकर की गई टक्कर करार दिया। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं। बल्कि पार्टी नेताओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है।
हादसे में जान गंवाने वालों का योगदान
दुर्घटना के समय गाड़ी में कुल छह लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल सभी को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद देबेंद्र नायक और मुरलीधर छुरिया को बचाया नहीं जा सका। इन दोनों नेताओं ने अपने क्षेत्र और पार्टी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी मृत्यु से भाजपा ने अपने दो सशक्त और समर्पित सदस्यों को खो दिया है।
राजनीतिक सुरक्षा पर बढ़ते सवाल
यह घटना न केवल दो जीवनों के खोने की त्रासदी है। बल्कि यह स्थानीय राजनीति में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है। भाजपा नेताओं का यह आरोप कि टक्कर सुनियोजित थी। मामले को और जटिल बना देता है।
निष्कर्ष और आगे की जांच
जांच जारी है और अधिकारी हादसे की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। घटना के पीछे संभावित साजिश का मकसद क्या था। यह पुलिस की प्राथमिकता में है। इस घटना ने स्थानीय और राज्य स्तर पर राजनीतिक हलचल मचा दी है और भाजपा अपने नेताओं के लिए न्याय की मांग कर रही है।












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