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महाराष्ट्र: ओबीसी नेताओं ने लिखी सीएम फडणवीस को चिट्ठी, आरक्षण कोटे में कटौती का जताया डर

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मुंबई। मराठा समुदाय को आरक्षण देने के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को खुश रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाली देवेंद्र फडणवीस सरकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हाल में जिस प्रकार से ओबीसी नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं, उसे देखते हुए राज्य सरकार के लिए आरक्षण का ये फैसला नयी चुनौती बन सकता है। ओबीसी नेताओं को डर है कि उनके आरक्षित कोटे में कहीं कटौती न की जाए और उन्होंने इस बाबत सीएम को पत्र भी लिखा है।

OBC leaders fear their quota may be cut, write to Maharashtra CM Fadnavis

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को राज्य पिछड़ा आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। महाराष्ट्र में आरक्षण 52% तक जा रहा है, जो 50% की सुप्रीम कोर्ट की अनिवार्य शर्त से अधिक है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में असाधारण परिस्थितियों के तहत राहत का हवाला देते हुए राज्य सरकार सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) नामक एक अलग वर्ग के तहत मराठों को 16% आरक्षण देने की योजना बना रही है।

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ओबीसी नेताओं ने SEBC नामक अलग वर्ग बनाने का विरोध किया है। ओबीसी समुदाय 300 से अधिक जातियों में बंटा है, और सभी जातियों के नेता सरकार के आरक्षण के फैसले का विरोध करने के लिए एक साथ आ रहे हैं और वे कानूनी विकल्पों को भी देख रहे हैं। उनका कहना है कि ओबीसी आरक्षण के 27 फीसदी कोटे के किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उनकी मांग है कि राज्य सरकार कुनबी मराठा को ओबीसी कोटे से हटाए।

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English summary
OBC leaders fear their quota may be cut, write to Maharashtra CM Fadnavis
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