20 अप्रैल से AIIMS में सभी के लिए शुरू होगा इलाज, मरीज ले सकते है ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि अब सरकार 20 अप्रैल से कई सेवाओं में छूट देने जा रही है। जिससे कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को इलाज हो सके। वहीं दिल्ली एम्स के डॉक्टर भी 20 अप्रैल से मरीजों को देखना शुरू करेंगे। अभी तक सरकार का पूरा फोकस कोविड-19 के मरीजों पर ही था। एम्स के इस फैसले के बाद मरीजों को राहत मिलेगी।

एम्स ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि जिन मरीजों का इलाज चल रहा या जिन्हें फॉलोअप के लिए कहा गया था, वो ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग के डॉक्टर उन्हें बुलाएंगे और उनका इलाज करेंगे। एम्स में साफ कर दिया है कि इस दौरान कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा। सिर्फ उन्हीं मरीजों को देखा जाएगा, जिन्हें कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियां हैं। अस्पतालों में इलाज शुरू करने के लिए लंबे वक्त से मांग चल रही थी।
कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है दिल्ली
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 14 हजार के पार हो चुकी है, जिसमें से 480 मरीजों की मौत हुई है। वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। दिल्ली में अब तक 1700 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें से 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से कई सख्त कदम उठाए गए हैं। जिसके तहत कोरोना हॉटस्पॉट वाले इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जहां पर किसी को भी आने-जाने की अनुमित नहीं है।

सितंबर तक आएगी कोरोना की वैक्सीन
दुनिया की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक सारा गिलबर्ट ने दुनिया को कोरोना वायरस महामारी के बीच एक अच्छी खबर दी है। सारा ने निराशा के इस माहौल के बीच ही कहा है कि इस वर्ष सितंबर तक महामारी से बचाव की वैक्सीन आ जाएगी। यूनिवर्सिटी के वैक्सीनोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर सारा गिलबर्ट ने 500 वॉलेंटियर्स को भर्ती किया है जिनकी उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच है। इनकी मदद से उन्होंने वैक्सीन का शुरुआती और मध्य चरण का ट्रायल शुरू कर दिया है।












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