ईवीएम पर से उठा नीतीश की जदयू का विश्वास
भोपाल। जनता दल (युनाइटेड) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद यादव ने ताजा संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ईवीएम के इस्तेमाल से भारतीय लोकतंत्र ही खतरे में पड़ गया है। राजधानी भोपाल में मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए यादव ने कहा कि ईवीएम से होने वाले चुनाव हमेशा ही शंकाओं से घिरे रहे हैं। नतीजों के बाद कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई स्थानों के मतदान केंद्रों की ईवीएम में तो उम्मीदवार तक का वोट उसे नहीं मिलना बताया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां की जनता को मताधिकार के जरिए अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार है। मगर अब इसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में सौपने की कोशिश चल रही है। लिहाजा ईवीएम के इस्तेमाल पर तत्काल प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
यादव का आरोप है कि भारत सरकार ने जनता को विश्वास में लिए बिना किसी प्रामाणिक शोध-परीक्षण के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 51 में संशोधन कर मतदान में मशीन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। यादव ने कहा कि मतदान में प्रयुक्त होने वाली ईवीएम के प्रोग्रामिंग की जिम्मेदारी बहुराष्ट्रीय कंपनी के हाथ में है।
सूचना के अधिकार के तहत हासिल की गई जानकारी के आधार पर यादव ने बताया कि ईवीएम का तकनीकी परीक्षण निर्वाचन आयोग ने नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा गठित गोस्वामी समिति ने किया था। इसके अलावा आयोग ने स्वीकार किया है कि उसने इन मशीनों के परीक्षण के लिए कोई राशि खर्च नहीं की। इतना ही नहीं आयोग ने न तो शोध कराया और न ही परीक्षण किया है।
यादव का दावा है कि ईवीएम की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए दुनिया के कई देशों ने ईवीएम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। लिहाजा भारत में भी ईवीएम के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। मशीन की प्रमाणिकता पर जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई जाए। रिपोर्ट आने तक मतदान के लिए पूर्व की प्रणाली पर अमल किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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