नीति आयोग ने जारी की गैर-लाभकारी अस्पताल मॉडल पर रिपोर्ट
नई दिल्ली, जून 29। नीति आयोग ने देश में गैर-लाभकारी अस्पताल मॉडल पर एक व्यापक अध्ययन जारी किया है। यह स्टडी ऐसे संस्थानों के बारे में सूचना की कमी को दूर करने और इस क्षेत्र में मजबूत नीति निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक कदम है। दरअसल, देश के गैर-लाभकारी अस्पतालों के बारे में काफी कम जानकारी उपलब्ध है।

CEO अमिताभ कांत की मौजूदगी में जारी हुई रिपोर्ट
रिपोर्ट को नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने सीईओ अमिताभ कांत, अतिरिक्त सचिव डॉ राकेश सरवाल और अध्ययन में भाग लेने वाले देश भर के अस्पतालों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जारी किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, 'निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार में अपेक्षाकृत कम निवेश हुआ है। कल घोषित किए कदम हमें इस स्थिति को बदलने का अवसर देते हैं। गैर-लाभकारी क्षेत्र की यह रिपोर्ट उसी दिशा में एक छोटा कदम है।'
गैर-लाभकारी अस्पतालों के मॉडल और समस्याओं की जानकारी
यह अध्ययन गैर-लाभकारी अस्पतालों के संचालन मॉडल की स्थिति की जानकारी देता है। स्टडी से स्वामित्व और सेवा के आधार के तहत वर्गीकृत अस्पतालों और निजी अस्पतालों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के साथ तुलना करने और उनके बारे में शोध-आधारित निष्कर्ष निकालने में मदद मिलती है। इसके अलावा इस अध्ययन में गैर-लाभकारी अस्पतालों द्वारा कार्यान्वित लागत-नियंत्रण रणनीतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है। इसमें उन चुनौतियों को भी समझने का प्रयास किया गया है जो इन संस्थानों के संचालन पर बोझ डालती हैं और उनके विकास में बाधा डालती हैं।
इन अस्पतालों के बारे में जानकारी का अभाव
आपको बता दें कि नीति आयोग देश में निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा-वितरण की स्थिति पर व्यापक अध्ययन कर रहा है। दरअसल, लाभकारी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और संस्थानों के बारे में पर्याप्त जानकारी मौजूद है। लेकिन उनके गैर-लाभकारी समकक्षों पर विश्वसनीय और संरचित जानकारी की काफी कमी है। ऐसी संस्था जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सभी के लिए सुलभ और सस्ती दामों पर उपलब्ध करा रहे हैं, उनके बारे में जानकारी की कमी है। इसलिए यह स्टडी काफी महत्वपूर्ण है।












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