निर्भया केस: दोषियों के वकील का नया हथकंडा, कहा- उन्हें डोकलाम भेज दो, देशसेवा करना चाहते हैं
नई दिल्ली। निर्भया के दोषी फांसी से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। पहले दोषियों के वकील एपी सिंह की ओर से कोरोना वायरस की दलील दी गई, इसके बाद अब वह नए हथकंडे के साथ सामने आए हैं। एपी सिंह ने ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कहा है कि दोषियों को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर भेज दीजिए, उन्हें डोकलाम भेज दीजिए, लेकिन उन्हें फांसी पर मत लटकाइए। ये सभी लोग देश की सेवा करना चाहते हैं। इस बाबत मैं कोर्ट में एक शपथ पत्र भी देने के लिए तैयार हूं।

कोरोना वायरस का भी हवाला दे चुके दोषी
इससे पहले चारों दोषियों ने फांसी रुकवाने के लिए फिर एक चाल चली। दोषियों ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें फांसी रुकवाने की मांग की गई है। इस अर्जी में दोषियों की अलग-अलग विचाराधीन याचिकाओं का हवाला दिया गया है। इसके अलावा दोषियों ने देश में फैले कोरोना महामारी का हवाला देते हुए कहा है कि यह समय फांसी के लिए सही नहीं है।

कल दी जाएगी फांसी
बता दें कि निर्भया के सभी दोषियों को शुक्रवार को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी। जेल में फांसी की तैयारी पूरी कर ली गई है। अक्षय ठाकुर को छोड़कर बाकी तीन दोषियों पवन, विनय और मुकेश से उसके घरवाले अंतिम मुलाकात भी कर चुके हैं। इससे पहले दिल्ली की तिहाड़ जेल में निर्भया मामले के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए पवन जल्लाद ने बुधवार को पुतलों को फांसी देकर अभ्यास किया।

फांसी की तैयारी
जेल अधिकारियों ने बताया कि पवन मंगलवार को मेरठ से राजधानी पहुंचे और उन्होंने रस्सी से पुतलों को फांसी देकर अभ्यास किया। इस रस्सी का इस्तेमाल दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए होगा। तिहाड़ जेल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब एक ही अपराध के लिए एक ही समय पर चार दोषियों को फांसी दी जाएगी। पवन अपने परिवार में तीसरे पीढ़ी के जल्लाद हैं।












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