जानिए कौन हैं निर्भया के लिए कानूनी जंग लड़ने वाली वकील सीमा, जिन्‍हें अपने पहले ही केस में मिली जीत

नई दिल्ली। सात साल बाद 20 मार्च को आखिरकार, निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ा दिया गया। सात साल तक निर्भया के माता-पिता ने बेटी को इंसाफ दिलाने लिए जंग लड़ी। इस जंग में माता-पिता के साथ देशभर के लोगों की दुआएं थीं और एक ऐसे वकील का साथ था जिसने हर पल केस की बारीकियों को समझा। इस वकील ने कभी हार नहीं मानी। जब शुक्रवार को तड़के चारों दरिंदों को फांसी पर लटकाया गया इस वकील को भी अपने पहले ही केस में विजय हासिल हुई।

हर पल निर्भया के माता-पिता के साथ

हर पल निर्भया के माता-पिता के साथ

सीमा समृद्धि केस को लड़ने वाली वह वकील हैं जो पिछले कई सालों से निर्भया के माता-पिता के साथ खड़ी हैं। एक फरवरी को निर्भया के दोषियों पवन, विनय, अक्षय और मुकेश को सुबह छह बजे फांसी दे दी जाएगी। इस केस पर अगर करीब आठ साल से पूरे देश की नजरें टिकी थीं तो सीमा ने भी था जिसने तय कर लिया था कि उन्‍हें इसमें सिर्फ जीत ही हासिल करनी है। सीमा, 24 जनवरी 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ी थीं। सीमा ने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और दिसंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में शामिल हुई।

आईएएस की तैयारी कर रही थीं

आईएएस की तैयारी कर रही थीं

सीमा सीमा पढ़ाई में बचपन से ही काफी होशियार रही हैं। सीमा का सपना आईएएस बनना था और वह यूपीएससी परीक्षा देने के लिए तैयार हो चुकी थीं। वर्तमान समय में वह सुप्रीम कोर्ट में एक प्रैक्टिसिंग लॉयर हैं। सीमा की मानें तो निर्भया का केस लड़ना उनके लिए भी एक बड़ी चुनौती था। निर्भया के परिवार के साथ उनका एक भावनात्‍मक संबंध है, खासतौर पर उसकी मां के साथ।

कैसे की सीमा ने केस के तैयारी

कैसे की सीमा ने केस के तैयारी

सीमा ने केस लड़ने से पहले हर कानूनी दांवपेंच को काफी बारीकी से तैयार किया था। इसके हर पहलू को अच्‍छे से पढ़ा और समझा। सीमा की मानें तो इसकी वजह से ही वह केस को एक तार्किक निष्‍कर्ष पर ले जा सकीं। जब कोर्ट ने निर्भया के दोषियों का डेथ वारेंट जारी किया था तो मां के अलावा इस जंग को लड़ रही सीमा के लिए भी वह पल खुशी से कम नहीं था।

पूरा किया एक बेटी का वादा

पूरा किया एक बेटी का वादा

सीमा, ट्विटर पर भी काफी एक्टिव हैं। पिछले कुछ दिनों से कभी निर्भया के किसी दोषी की तरफ से दया याचिका भेज दी जाती तो कभी कोई दोषी यह कहते हुए कोर्ट पहुंच जाता कि वह घटना के समय नाबालिग था। एक दोषी ने जब फांसी से बचने के लिए दया याचिका दायर की तो सीमा ने इस पर भी ट्वीट किया था। उन्‍होंने लिखा था, 'निर्भया केस में चारों अपराधियों को जल्द ही फांसी होगी। एक बेटी का ये वादा निर्भया के माता पिता से।'

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