निर्भया मामले में दोषी अक्षय की क्यूरेटिव पिटीशन पर SC में सुनवाई आज
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई है। इस मामले में दोषी करार दिए गए अक्षय की क्यूरेटिव पिटीशन पर आज सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच सुनवाई करेगी। अक्षय ने सु्प्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपनी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी, जिसपर आज सुनवाई होगी। यह सुनवाई पांच जजों की बेंच करेगी, बेंच की अध्यक्षता जस्टिस एनवी रमन्ना करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था। मुकेश ने राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका को खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

विनय ने दायर की दया याचिका
इससे पहले बुधवार को 2012 के दिल्ली गैंगरेप केस में दोषियों में से एक विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर की है। विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने बुधवार को बताया है कि उसने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दायर कर अपनी फांसी की सजा माफ करने की गुहार लगाई है। अब राष्ट्रपति उसकी सजा को लेकर फैसला करेंगे।
1 फरवरी को होनी है फांसी
बता दें कि अदालत ने सभी चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को 1 फरवरी को फांसी देने का आदेश दिया है। इससे पहले अदालत ने 22 जनवरी का डेथ वारंट जारी किया था। मुकेश की याचिका की वजह से इसे टालना पड़ा था और 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देने का नया वारंट जारी हुआ था।
2012 का मामला
ये केस आठ साल पुराना है। दिसंबर, 2012 में दिल्ली में गैंगरेप और हत्या को अंजाम दिया गया था। 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस पर सवार 6 लोगों ने दक्षिणी दिल्ली के इलाके में गैंगरेप किया था। इसके बाद उसको लोहे की रॉड से मारा गया था। वारदात के बाद उसे चलती बस से नीचे फेंक दिया था। लड़की ने 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में छह लोगों पर मुकदमा चला। एक आरोपी ने जेल में कथित तौर आत्महत्या कर ली। एक आरोपी नाबालिग था, जो तीन साल की सजा काटकर बरी हो चुका है। बाकी चारमुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को फांसी की सजा हुई है।












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