वसूली मामला: NIA ने नक्सली संगठन PLFI के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र, जेल से रची जा रही थी साजिश
नई दिल्ली, 5 अगस्त: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड के लातेहार में नक्सल गिरोह पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) की ओर से जबरन वसूली मामले में आरोप पत्र दायर किया है। जांच से पता चला कि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साहू ने हत्या, वसूली जैसी वारदातों को अंजाम दिया। इस दौरान आरोपी प्रदीप गंझू, टीपीसी और पीएलएफआई के कई सदस्य उनके साथ रहे।

एनआईए ने आगे कहा कि झारखंड में कोयले के बहुत से खदान हैं। ऐसे में नक्सल समूह कोयला परिवहन क्षेत्रों में हत्या कर आतंक पैदा करना चाहता है। इसी के चलते उसने वारदातों को अंजाम दिया। बाद में जब उनके पास अच्छी रकम इकट्ठा हो गई, तो उन्होंने एके-47 जैसे ऑटोमैटिक हथियार खरीदे। एनआईए के मुताबिक धनबाद और रांची की जेलों से इन नापाक हरकतों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी।
8 नक्सली हुए थे गिरफ्तार
दो हफ्ते पहले भी पीएलएफआई को झारखंड में बड़ा झटका लगा था, जहां पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र के बिरदा जंगल-पहाड़ी से एरिया कमांडर अजय पुरती समेत 8 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। अजय पर दो लाख का इनाम था। पुलिस के मुताबिक खूफिया सूचना के आधार पर इलाके में सीआरपीएफ ने सर्च अभियान चलाया था। उसी दौरान ये 8 नक्सली हाथ लगे। उनके पास से 2 देसी कट्टा, 8 कारतूस, वायरलेस सेट और उसका चार्जर, पांच मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, दो बाइक, पैसा वसूलने वाली रसीद समेत कई सामान भी बरामद हुए।
10 लाख का इनामी ढेर
जुलाई में पश्चिमी सिंहभूम-खूंटी में पुलिस और नक्सलियों के बीच एक मुठभेड़ हुई। जिसमें नक्सली सुरीन मारा गया। उस पर 10 लाख का इनाम था। साथ ही वो पीएलएफआई का जोनल कमांडर भी था। पुलिस के मुताबिक सुरीन लंबे वक्त से इस इलाके में सक्रिय था। जब पुलिस की टीम उसको गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। बाद में जवाबी कार्रवाई के दौरान उसे ढेर कर दिया गया।












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