एनआईए ने माओवादी कैडर भर्ती गतिविधियों के लिए यूपी के व्यक्ति के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया
केंद्रीय एजेंसी एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) को बिहार के मगध क्षेत्र में फिर से एक्टिव करने के संकेत मिले हैं। मामले में एजेंसी ने प्रमुख नक्सली नेता के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
एनआईए की ओर जारी एक बयान में कहा गया है कि भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो के सदस्य और उत्तरी क्षेत्र के ब्यूरो प्रमुख प्रमोद मिश्रा के करीबी सहयोगी विनोद मिश्रा उर्फ बिनोद कुमार मिश्रा का नाम शुक्रवार को यहां विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दायर पूरक आरोप पत्र में शामिल है।

एक्शन की जानकारी देते हुए एनआईए ने बताया तो जांच से पता चला है कि आरोपी विनोद मिश्रा ने मगध क्षेत्र (बिहार के गया और औरंगाबाद क्षेत्र) में प्रतिबंधित संगठन को पुनर्जीवित करने में मदद की थी। मामला 10 अगस्त 2023 का है, जब भाकपा (माओवादी) के दो शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है। मामला दर्ज होने के बाद से गिरफ्तारी से बच रहे विनोद मिश्रा को 20 मार्च 2024 को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया गया था।
केंद्रीय एजेंसी ने 10 नवंबर को जांच अपने हाथ में ले ली थी और पहले 9 फरवरी को इस मामले में चार अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। एनआईए की जांच से अब तक पता चला है कि सीपीआई माओवादी के नेता, कैडर और सहानुभूति रखने वाले/भूमिगत कार्यकर्ता संगठन को उत्तरी क्षेत्रीय ब्यूरो में फिर से सक्रिय करने के लिए विभिन्न गतिविधियों में लगे हुए थे। इस ब्यूरो में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
एनआईए भारत में शांति और सुरक्षा को बाधित करने के लिए सीपीआई माओवादी की गतिविधियों और इसके प्रयासों की जांच जारी रखे हुए है। एजेंसी सभी शामिल व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।












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