भारत में अक्टूबर में ही खोज लिया गया था नए प्रकार का कोरोना वायरस B.1.167, जिसके कारण आई दूसरी लहर
भारत में अक्टूबर में ही खोज लिया गया था नए प्रकार का कोरोना वायरस B.1.167, जिसके कारण आई दूसरी लहर
नई दिल्ली, अप्रैल 20: भारत में नए प्रकार का कोरोना वायरस B.1.167 पिछले साल अक्टूबर में वैज्ञानिकों ने खोज निकाला था। अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में अत्यधिक लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं उसकी वजह ये 5 अक्टूबर में खोजा गया ये तीसरे प्रकार का कोरोना वायरस B.1.167 है। जो कोरोना वायरस का तीसरा म्यूटेशन है जिसे अक्टूबर में ढ़ूढ़ तो लिया गया लेकिन इसका जीन अध्ययन नहीं किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के E484Q और L425R प्रकार के वायरस के महत्वपूर्ण स्पाइक प्रोटीन में स्थित थे - जो इसे शरीर में receptor cells को जकड़ता है। इस विनाशकारी वायरस को तुंरत रोकना आवश्यक है और इसे फैलने से रोकने के लिए तुरंत इसके जीन पर स्टडी करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार चारों ओर कोरोना वायरस के कारण बजी खतरे की घंटी को देखते हुए इसके जीन पर अध्ययन करना बहुत जरूरी हो चुका है।
मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार धन की कमी, स्पष्ट निर्देशों के अभाव में नवंबर और जनवरी के बीच इस जीन पर अध्ययन धीमा हो गया और पिछले दिनों कोरोना का प्रकोप कम होने के कारण इस नए प्रकार के कोरोना वायरस के जीन पर की जा रही स्टडी ठप्प हो गई थी। लेकिन अब वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे कि इस नए प्रकार के जीनोम अनुक्रमण, एक जीव की आनुवांशिक संरचनाओं का अध्ययन और उसमें होने वाले परिवर्तन पर स्टडी होने से पता चलेगा कि उसकी उत्पत्ति कैसे हुई और ये किन माध्यमों से फैल रहा और कैसे इस पर लगाम लगाई जा सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जल्द अगर इसके जीन पर स्टडी नहीं शुरू हुई तो इसके परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।












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