1 दिसंबर के बाद नया सिम खरीदने से पहले जान लें ये 6 बातें, अनदेखी पर 10 लाख का फटका और जेल
अगर आप सिम कार्ड खरीदने और बेचने का काम करते हैं तो, यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दरअसल, दूरसंचार विभाग ने डीलरों और सिम कार्ड धारकों के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं। यह नियम 1 दिसंबर 2023 से भारत में लागू होंगे।
सरकार ने फर्जी सिम के कारण होने वाले घोटालों की गंभीरता को देखते हुए ये कदम उठाए हैं। खास बात यह है कि नियमों के उल्लंघन या पालन न करने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। आइए जानते हैं भारत में सिम कार्ड से जुड़े नियम...

क्या है नए सिम कार्ड के रूल्स?
सिम डीलर वेरिफिकेशन : जो कोई भी सिम कार्ड बेचना चाहता है और सिम कार्ड डीलर है, उसे वेरिफिकेशन से गुजरना होगा। उन्हें सिम कार्ड बेचते समय रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। पुलिस वेरिफिकेशन के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर जिम्मेदार हैं। इसका पालन न करने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लग सकता है।
डेमोग्राफिक डेटा कलेक्शन: जो ग्राहक अपने मौजूदा नंबरों के लिए सिम कार्ड खरीदते हैं, उन्हें अपना आधार और डेमोग्राफिक डेटा जमा करना होगा।
बल्क सिम कार्ड जारी करना : नए नियमों ने जारी किए जाने वाले सिम कार्ड की संख्या की सीमा तय कर दी है। व्यक्ति केवल व्यावसायिक कनेक्शन के माध्यम से थोक में सिम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही सामान्य उपयोगकर्ता अभी भी एक आईडी पर 9 सिम कार्ड ले सकता है।
सिम कार्ड डी-एक्टिवेशन रूल्स: जैसा कि पहले बताया गया है कि सिम कार्ड अब थोक में जारी नहीं किए जाएंगे और एक सिम कार्ड बंद करने के बाद, वह नंबर 90 दिनों की अवधि के बाद ही किसी अन्य व्यक्ति को मिल सकेगा।
जुर्माना : जिन सिम बेचने वाले विक्रेताओं ने 30 नवंबर तक पंजीकरण नहीं कराया होगा, उन्हें 10 लाख रुपये तक जुर्माना देना होगा और जेल की सजा भी हो सकती है।












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