भारत में पीक पर पहुंच चुके हैं नए कोरोना संक्रमण के मामले, कैंब्रिज ट्रैकर का दावा
विश्वभर में कोरोना वायरस मामलों को ट्रैक करने वाले कैंब्रिज जज बिजनेस स्कूल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च के शोधकर्ताओं ने कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत के लिए बड़ी भविष्यवाणी की है।
नई दिल्ली, 12 मई। विश्वभर में कोरोना वायरस मामलों को ट्रैक करने वाले कैंब्रिज जज बिजनेस स्कूल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च के शोधकर्ताओं ने कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत के लिए बड़ी भविष्यवाणी की है। शोधकर्ताओं का दावा है कि भारत में कोरोना वायरस अपने पीक पर पहुंच गया है। हालांकि असम, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों में अगले दो सप्ताह में नए मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के कोरोना के मामलों में अंतर दिखाई दे सकता है।

कैंब्रिज टैकर का यह अनुमान विभिन्न रिपोर्टों पर आधारित है और प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकारों सहित कुछ अन्य के अनुरूप है। भारत में 7 मई को कोरोना के 414,188 नए मामले रिकॉर्ड किए गए जो कि पिछले साल अमेरिका द्वारा जारी की गई कोरोना के चरम पर पहुंचने की रिपोर्ट से लगभग 32% ज्यादा थ। टैकर ने यह भी दावा किया है कि कोरोना भले ही चरम पर पहुंच गया हो लेकिन परीक्षण और विशाल अंडरकाउंटिंग के कुछ अंशों के साथ और आधिकारिक डेटा का सुझाव है कि दैनिक मौतें अभूतपूर्व 4000 के स्तर पर जारी रह सकती हैं।
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अगर कैंब्रिज का यह आकलन सही निकलता है तो यह भारत की दृष्टि से बेहद राहत भरी खबर होगी।
फिलहाल की स्थिति तो यह है कि देश कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित है। अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे हैं, कई अस्पताल ऑक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं। राज्यों को ऑक्सीजन, दवाओं और जरूरी सामानों के कुप्रबंधन के लिए आलोचनाएं झेलनी पड़ रही है और व्यापार एकदम ठप हो गया है और भारी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं।
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3,48,421 मामले सामने आए हैं और इस दौरान 4,205 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान रिकवरी रेट 83 फीसद रहा जबकि पॉजिटिविटी रेट घटकर 17.56 फीसदी पहुंच गया।
पिछले साल 7 अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 20 लाख के पार पहुंच गया था और 23 अगस्त को यह बढ़कर 30 लाख हो गया। 5 सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख हो गया। वहीं, 28 सितंबर को यह आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंच गया और बढ़ते-2 इस साल की 4 मई को भारत में कोरोना के मामले 2 करोड़ के पार हो गए। 7 मई को भारत में कोरोना के 4,14,188 नए मामले दर्ज किए गए, जोकि अमेरिका द्वारा पिछले साल जारी की गई कोरोना के चरम पर पहुंचने की संख्या से 32 फीसदी ज्यादा थे। यह संख्या तब 32 फीसदी ज्यादा थी जब भारत ने अमेरिका की तुलना में बेहत कम टेस्ट किए थे।












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