NEET-PG Exam Postpone: आज होनी थी परीक्षा, आखिरी समय पर टली, ABVP ने खोला मोर्चा
NEET-PG Exam Postpone: नीट-पीजी की फिर से होने वाली परीक्षा को आखिरी समय पर टाल दिया गया है। इस परीक्षा में एमबीबीएस के छात्रों को 23 जून को शामिल होना था, लेकिन 22 जून की रात तकरीबन 10 बजे परीक्षा को टाल दिया गया है। सरकार ने परीक्षा को टालने से पहले एनटीए के चीफ को बर्खास्त कर दिया।
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अलग-अलग शहरों से छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन आखिरी समय पर परीक्षा टलने की वजह से उनमे निराशा है।

एबीवीपी ने पूछे मुश्किल सवाल
सरकार के फैसले के बाद छात्र संगठन और मेडिकल संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यहां तक कि आरएसएस की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी सरकार को इस मुद्दे पर घेरा है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ला ने कहा कि आखिर क्यों यह परीक्षा टाली गई, इसकी वजह सरकार को बतानी चाहिए।
नीट-पीजी की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर याज्ञवल्क्य शुक्ला ने कहा कि एनटीए की ओर से जिस तरह से नीट-पीजी की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय हुआ है, उससे छात्रों के बीच असमंजश की स्थिति दिखाई दे रही है।
मुझे लगता है कि किसी भी प्रकार का कोई इनपुट नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन, भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के पास, यदि कोई आशंका थी तो उस आशंका को, अपनी पूरी कार्रवाई को विद्यार्थियों के सामने लाना चाहिए था।
विद्यार्थियों के मन में सवाल यह है कि अगर परीक्षा रद्द हो रही है तो उसका कारण क्या है, उसे स्पष्ट करने की आवश्यकता है। इसलिए विद्यार्थी परिषद की भारत सरकार से मांग है कि ऐसा कौन सा कारण है, या ऐसी कौन सी परिस्थिति है जिसके कारण परीक्षा को रद्द किया जा रहा है। आज पूरे देश में विद्यार्थी चलकर अपने शहर से दूसरे शहर में परीक्षा देने के लिए आते हैं।
अचानक परीक्षा रद्द होने के निर्णय से विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है। इसलिए भारत की सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन को सुनिश्चित करना पड़ेगा कि छात्रों के मन में ना कोई दुविधा हो और ना ही परीक्षा के प्रति छात्रों के मन में कोई अविश्वास पैदा हो, लिहाजा भारत सरकार को इस संबंध में मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता है।
जेएनयूएसयू ने भी खोला मोर्चा
वहीं जेएनयूएसयू के अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि नीट-पीजी की जो परीक्षा होने वाली थी, उसे टाल दिया गया। हम सब जानते हैं कि देश के अलग-अलग इलाकों से छात्र परीक्षा देने के लिए जाते हैं। लेकिन यह सरकार इतनी विफल हो चुकी है कि हर जगह, वो छात्रों और युवाओं के मुद्दे, उनके सवाल पर विफल दिखाई दे रही है।
नीटी-पीजी से लेकर यूजीसी-नेट, सीएसआईआर नेट, बिहाट टेट, जहां-जहां एनडीए की सरकार है, वहां-वहां ये घोटाले आ रहे हैं, परीक्षा को टाला जा रहा है, छात्रों को परेशान किया जा रहा है। यही एनडीए की सरकार है जो लगातार छात्रों और युवाओं की पीठ में छुरा घोप रही है।
डॉक्टरों के संघ ने खड़ा किया सवाल
FAIMA Doctors Association के चेयरमैन डॉक्टर रोशन कृष्णन ने कहा कि नीट-पीजी की परीक्षा को फिर से टाल दिया गया है, यह बहुत ही निराश करने करने वाली खबर है। अलग-अलग शहरों से छात्र दूसरे शहर में परीक्षा देने के लिए गए थे। छात्रों ने कड़ी मेहनत की, यह मेडिकल के लिए सबसे मुश्किल परीक्षा होती है।
यह निराशाजनक है कि आखिरी समय पर परीक्षा को टाला गया है। मुझे भरोसा है कि सरकार के पास इसकी पुख्ता वजह होगी। उन्हें इस सवाल का जवाब तत्काल देना चाहिए, आखिर क्यों इस परीक्षा को टाला गया, आखिर इन लोगों ने क्या कदम उठाए कि परीक्षा को फिर से ना टाला जाए। हम छात्रों से अपील करते हैं कि वह धैर्य बनाए रखें, हम उनके साथ हैं।












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