NDA ने सर्वसम्मिति से नरेंद्र मोदी को चुना अपना नेता, सरकार गठन की ऐसी रहेगी रणनीति
PM Modi elected as NDA Leader: लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद एनडीए ने नरेंद्र मोदी को औपचारिक रूप से अपना नेता चुन लिया है। इसके लिए बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर एनडीए नेताओं की बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में एनडीए के नेताओं ने नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुने जाने वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इसके साथ ही बीजेपी की अगुवाई वाला गठबंधन सरकार गठन की तैयारियों में जुट गया है।

एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी को दी बधाई और उनके नेतृत्व को सराहा
इस बैठक के दौरान सभी नेताओं ने पीएम मोदी के नेतृत्व और उनके कार्यकाल में राष्ट्र के उत्थान के लिए उन्हें बधाई दी। राष्ट्र निर्माण के लिए उनके प्रयासों और उनकी कड़ी मेहनत के लिए उनकी सराहना की गई।
एनडीए के सहयोगियों ने कहा कि विकसित भारत को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का विजन स्पष्ट है। दुनिया में भारत के गौरव को बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने गरीबी दूर करने और अच्छा काम जारी रखने के उनके संकल्प के प्रति उनके प्रयासों की सराहाना की है।
60 वर्षों बाद मिला यह ऐतिहासिक जनादेश- पीएम मोदी
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए यह ऐतिहासिक जनादेश है, जो भारत को पिछली बार 60 साल पहले मिला था
तीन नेताओं को मिली सहयोगियों से सरकार गठन पर चर्चा की जिम्मेदारी-सूत्र
सूत्रों के मुताबिक 7 जून को एनडीए के सांसदों की बैठक होगी। जिसके बाद सहयोगी दलों के नेता राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू से मिलेंगे। जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मिलकर सहयोगी दलों के साथ सरकार गठन को लेकर चर्चा करेंगे।
एनडीए के ये नेता हुए बैठक में शामिल
बहलहाल, प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में भाजपा के सहयोगी दलों में टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे,एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी, एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान, आरएलडी नेता जयंत चौधरी, अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल और जन सेना पार्टी नेता पवन कल्याण समेत अन्य एनडीए नेता शामिल थे।
इस बार के लोकसभा चुनावों में 543 सीटों में से एनडीए को 293 सीटें मिली हैं, जो कि बहुमत के आंकड़े 272 से 20 सीटें ज्यादा हैं। इसमें बीजेपी 240 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। फिर 16 सीटों के साथ टीडीपी, 12 सीटों के साथ जेडीयू और 7 सीटों के साथ शिवसेना का नंबर है।
हालांकि, लोकसभा में संख्या गणित के हिसाब से एनडीए को सरकार बनाने में तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, जिस तरह से बीजेपी अपने दम पर बहुमत से पिछड़ी है तो उसे सहयोगियों के बढ़े हुए बार्गेंनिंग पावर का सामना करना होगा। मसलन, सहयोगियों की मंत्री पदों और अहम मंत्रालयों पर नजरें टिक सकती हैं और यह पीएम मोदी की नई सरकार की बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।












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