NDA के 7 साल पूरे होने पर कांग्रेस ने पेश की नाकामियों की चार्जशीट, कहा-'निकम्मी सरकार'
नई दिल्ली, 30 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 30 मई को एनडीए सरकार ने सात साल पूरे कर लिए। एक ओर बीजेपी सरकार की उपलब्धियों को गिना रही, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ 7 सूत्रीय 'चार्जशीट' जारी की है। जिसमें यूपीए सरकार द्वारा किए गए आर्थिक लाभ को उलटने, किसानों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार, कोरोना महामारी से निपटने में असमर्थता और देश की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया है।
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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी सरकार 73 वर्षों में भारत की सबसे कमजोर सरकार है। 2014 में जब यूपीए सरकार ने पद छोड़ा, तब जीडीपी ग्रोथ 8.1% थी। मोदी जी के राज में 2019-20 में महामारी की चपेट में आने से पहले जीडीपी ग्रोथ 4.2 प्रतिशत पर आ गई थी। इसके बाद 2020-21 की पहली तिमाही में ये आंकड़ा शून्य से 24.1 प्रतिशत नीचे यानी माइनस में चला गया। अभी दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ माइनस 7.5 प्रतिशत है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी ग्रोथ माइनस 8 प्रतिशत रहेगी।
सूरजेवाला ने आगे कहा कि सरकार दो करोड़ रोजगार देने के वादे पर सत्ता में आई। ऐसे में 7 साल में उन्हें 14 करोड़ नौकरियां देनी थी। 14 करोड़ का आंकड़ा तो भूल जाइए, अब बेरोजगारी दर भी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है। महंगाई पर उन्होंने कहा कि पेट्रोल आज 100 रुपये प्रति लीटर बिक रहा, जबकि सरसों के तेल के दाम 200 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुके हैं। बाकी बची कसर एलपीजी पूरी कर रही, जो 809 प्रति सिलेंडर है।
किसानों पर कही ये बात
कांग्रेस ने किसानों के प्रति असंवेदनशील रवैये के लिए भी सरकार की खिंचाई की। सूरजेवाला ने कहा कि बीजेपी सरकार चाहती है कि छोटे किसानों की जगह बड़े निगम ले लें। उन्होंने सरकार पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने और वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि यूपीए सरकार में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ गए थे, जबकि एनडीए सरकार में 3.20 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गए हैं।












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