मृतकों के नाम पर भी जमा किए दस्तावेज, NCP के अजित गुट पर शरद पवार कैंप का बड़ा आरोप, EC से कार्रवाई की मांग
NCP Political crisis: एनसीपी में चाचा-भतीजे की लड़ाई अब थाने तक पहुंचने की नौबत नजर आ रही है। इस मामले में गुरुवार को चाचा शरद पवार कैंप ने भतीजे अजित पवार गुट पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से आपराधिक मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की मांग की है।
शरद पवार गुट की ओर से गुरुवार को चुनाव आयोग में पेशी के बाद उनके वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुट के खिलाफ बहुत ही गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

अजित पवार गुट पर फर्जी दस्तावेज जमा करने का लगाया आरोप
सिंघवी ने दावा किया है कि एनसीपी पार्टी और चुनाव निशान को लेकर अजित गुट की ओर से चुनाव आयोग में जो दस्तावेज जमा किए गए हैं, उनमें कई सारे जाली हैं और फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। सिंघवी का दावा है कि कई हलफनामे तो मृत व्यक्तियों या नाबालिगों के नाम से जमा किए गए हैं।
उनका आरोप है कि अजित पवार गुट की ओर से एनसीपी के कई ऐसे पदों का इस्तेमाल किया गया है, जो पार्टी के संविधान में ही नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी के साथ चुनाव आयोग में अपने गुट का पक्ष रखने के लिए एनसीपी संस्थापक शरद पवार और उनकी सांसद बेटी सुप्रिया सुले भी पहुंचे थे।
यह जालसाजी और धोखाधड़ी है- शरद पवार गुट के वकील सिंघवी
करीब डेढ़ घंटे तक चुनाव आयोग के सामने अजित पवार गुट के खिलाफ दलीलें पेश करने के बाद अभिषेक सिंघवी ने कहा, 'हमनें कुछ बहुत ही चौंका देने वाले और अजीबोगरीब तथ्य चुनाव आयोग के सामने रखे....मुख्य ये था कि याचिकाकर्ता ने जो दस्तावेज चुनाव आयोग में फाइल किए थे...हमने लगभग 20,000 ऐसे हलफनामे ढूंढ़े हैं और उसमें से 8,900 हलफनामे की चार्ट बनाकर दी....जिसमें दस्तावेज और हलफनामे पर अनेकों प्रकार की त्रुटियां हैं....जो दिखाता है कि यह जालसाजी और धोखाधड़ी है.....'
मृत व्यक्ति को भी हलफनामे में डाला-अभिषेक मनु सिंघवी
उन्होंने कहा, 'उदाहरण के तौर पर एक कैटेगरी ऐसी है, जिसमें व्यक्ति विशेष मृत है....उसका भी हलफनामा डाला गया है....दूसरा उदाहरण है कि वह माइनर है.....तीसरी कैटेगरी है, जिसमें जो पद लिखा गया है एनसीपी का, वैसा कोई पद एनसीपी में कोई जानता ही नहीं है, एनसीपी के संविधान में नहीं है और कभी लागू नहीं हुआ।'
अजित पवार गुट के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई की मांग
इस तरह के आरोपों के आधार पर इनका दावा है कि झूठे मामले को साबित करने के लिए यह सारे दस्तावेज बनाए गए हैं। वे बोले, 'इसका मतलब ये हुआ कि जिसे आप अजित पवार गुट कहते हैं उनके पास कोई समर्थन नहीं है....'। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि यह मामला इतना गंभीर है कि उन्होंने चुनाव आयोग से कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उनके मुताबिक, 'झूठा बयान, झूठे हलफनामे देने के लिए उन्हें दंडित करें। आईपीसी के तहत आपराधिक धाराओं में इसको लेकर कार्रवाई करें......।' चुनाव आयोग में इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।












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