महाराष्ट्र: उलटफेर के बाद NCP विधायक दल के नेता के पद से हटाए गए अजित पवार
नई दिल्ली। बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बानने वाले एनसीपी के बागी नेता अजीत पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर जयंत पाटिल को नियुक्त किया गया है। कार्रवाई के तुरंत बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था अजीत पवार का व्यक्तिगत फैसला है, एनसीपी उनका समर्थन नहीं करती है। अजीत पवार ने कथित तौर पर शपथ लेने से पहले एनसीपी के सभी 54 विधायकों के समर्थन के पत्र राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंप दिया था।

अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया
एनसीपी ने अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है। इसके साथ मीडिया में ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि, साथ ही एनसीपी ने अजीत पवार के समर्थन करने वाले सभी विधायकों को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बता दें कि, शुक्रवार शाम तक अजीत पवार शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन बनाने के प्रयासों का हिस्सा थे और पिछले कुछ दिनों में अपने चाचा के साथ अधिकांश बैठकों में भाग लिया था। उधर वाईबी चव्हाण सेंटर में एनसीपी के विधायकों की बैठक चल रही है। जहां पर नए नेता पर भी फैसला हो सकता है।
एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात करने धनंजय मुंडे पहुंचे
इसी बीच एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात करने धनंजय मुंडे पहुंच चुके हैं। धनंजय मुंडे आज सुबह अजीत पवार के साथ था। उधर इससे पहले राकांपा सांसद सुनील तटकरे और दो अन्य विधायक उपमुख्यमंत्री अजित पवार को मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। अजित अपने भाई श्रीनिवास के आवास पर थे। यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। आपको बता दें कि अजीत पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ शनिवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

सरकार बनाने के लिए बहुमत का जरूरी आंकड़ा 145 का है
महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत का जरूरी आंकड़ा 145 का है। विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। बीजेपी और शिवसेना चुनाव से पहले साथ थीं और ऐसे में दोनों के पास बहुमत का आंकड़ा था। हालांकि, गठबंधन टूट गया और बीजेपी को सरकार बनाने के लिए 40 सीटों की जरूरत हो गई।












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