ब्रिटेन के 'सर्टिफिकेशन' मुद्दे पर बोले NHA सीओ आरएस शर्मा, कहा- पूरा सिस्टम WHO के मुताबिक
नई दिल्ली, 22 सितंबर: भारत के दवाब के बाद ब्रिटेन ने अपनी ट्रैवल गाइडलाइंस में बदलाव करते हुए नई गाइडलाइंस जारी है। ब्रिटेन ने भारत में बनी 'कोविशील्ड' को एक वैध वैक्सीन के रूप में स्वीकार किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ आरएस शर्मा ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि कोविन ऐप या वैक्सीन सर्टिफिकेट प्रक्रिया के साथ कोई समस्या नहीं है। संशोधित यूके एडवाइजरी के बाद कोविशील्ड को स्वीकृत वैक्सीन मान लिया है। लेकिन ये भी कहा गया कि डबल डोज लेने वाले भारतीयों को अभी भी क्वारंटीन में रहना होगा, क्योंकि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेशन मुद्दा अटका हुआ है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीओ डॉ. शर्मा ने कहा कि सर्टिफिकेशन के साथ कोविन पर कोई परेशानी नहीं है। पूरा सिस्टम WHO के अनुरूप है। हमने अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के साथ चर्चा जारी रखी हुई है। यूके के उच्चायुक्त ने 2 सितंबर को मुझसे मुलाकात की थी। वे सिस्टम के तकनीकी पहलू को समझना चाहते थे। उन्होंने समझाया कि उनकी टीम के साथ दो और बातचीत हुई है। जिसमें तकनीकी स्तर की बातचीत की गई थी।
बता दें कि इससे पहले ब्रिटिश उच्चायोग से साफ कर चुका है कि वो भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य निकाय द्वारा टीके लगाए गए लोगों के लिए ब्रिटेन के सर्टिफिकेशन की मान्यता का विस्तार कैसे कर सकते हैं। वहीं अब यूके की अपडेट ट्रैवल गाइडलाइंस के मुताबिक चार लिस्टेड यानी जो यूके में मान्यता प्राप्त टीकों के फॉर्मूलेशन जैसे एस्ट्राजेनिका कोविशील्ड, एस्ट्राजेनिका वैक्सजेवरिया, मॉडर्ना टाकेडा को वैक्सीन के रूप में अप्रूवल दिया गया है।
आपको बता दें कि यूके की अब अपडेट ट्रैवल गाइडलाइंस 4 अक्तूबर से लागू होगी और इसमें कोविशील्ड वैक्सीन का नाम ऐड कर दिया गया है। मालूम हो कि कोविशील्ड के पास पहले से ही EUA यानी आपातकालीन उपयोग की स्वीकृति, विश्व स्वास्थ्य संगठन का दर्जा है।












Click it and Unblock the Notifications