उत्तर प्रदेश में रोचक होगा मोदी बनाम मुलायम मैच

गोरखपुर में 23 जनवरी को नरेंद्र मोदी प्रदेश में विजय शंखनाद रैली को संबोधित करेंगे। मोदी की यह छठी रैली होगी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव भी 23 जनवरी को ही बनारस की रैली में शामिल होंगे। सपा-भाजपा के बीच शुरू हुई जवाबी रैलियों में गत 20 दिसंबर को बनारस और बदायूं में रैलियां हुईं।
रैलियों के मामले में मोदी के मुकाबले को लेकर सपा नेता डा. सी.पी. रॉय ने कहा कि रैलियों के मामले में सपा हमेशा ही भारी पड़ी है। सपा की रैलियों के आगे मोदी की रैलियां छोटी साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को वाराणसी में रैली आयोजित की जा रही है और इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
उल्लेखनीय है बदायूं में सपा की रैली पहले 21 दिसंबर को होनी थी, लेकिन मोदी की रैली का जवाब देने के लिए इसे 20 दिसंबर को ही आयोजित किया गया। आगरा में नरेंद्र मोदी ने 21 नवंबर को रैली की गई तो सपा की ओर इसी दिन बरेली में रैली कर के जवाब देने का प्रयास किया था।
जिन क्षेत्रों में मोदी की रैलियां हो चुकी हैं, वहां पर सपा भी अपनी उपस्थिति का अहसास कराने में जुटी है। 11 जनवरी को झासी में रैली कर सपा ने अपने विरोधियों को आइना दिखाने का प्रयास किया। यहां नरेंद्र मोदी गत 25 अक्टूबर को रैली कर चुके हैं।
रैलियों के बहाने हो रही जोर आजमाइश को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. मनोज मिश्र कहते हैं, "रैलियों को लेकर सभी जानते हैं कि नरेंद्र मोदी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। सपा सभी रैलियों में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करती है, बावजूद इसके वह भाजपा जितना भीड़ कभी नहीं जुटा पाती है।"
सपा-भाजपा और बसपा के बीच जारी रैलियों के मुकाबले में रालोद भी शामिल हो गया है। मेरठ में 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर सफल रैली के बाद से रालोद ने भी पश्चिमी उप्र में रैलियों के बहाने शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 16 जनवरी को शामली के बाद 30 जनवरी को आगरा में अजित सिंह व जयंत चौधरी रैली संबोधित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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