26/11 मुद्दे पर टस से मस नहीं हुआ है पाकिस्तान

नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ को साफ कर दिया कि पाकिस्तान को साजिशकर्ताओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाना पड़ेगा क्योंकि पाक की ओर से इस हमले का ट्रायल काफी धीमा है।
इसके साथ ही मोदी ने नवाज शरीफ को यह भी बता दिया कि पाक की ओर से अभी तक कोई भी संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है।
ओबामा को भी नहीं मिला कोई भरोसा
यह पहली बार नहीं है जब भारत की ओर से पाकिस्तान के सामने 26/11 का मुद्दा उठाया गया हो बल्कि इससे पहले पाक के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के सामने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इस मुद्दे को मनमोहन सिंह एक बार नहीं बल्कि कई दफा इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं।
यहां तक पिछले वर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने खुद इस बारे में नवाज शरीफ से बात की लेकिन उन्होंने कोई भी आश्वासन ओबामा को नहीं दिया।
बराक ओबामा और नवाज शरीफ के बीच अक्टूबर 2013 में एक मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में ओबामा ने नवाज शरीफ से पूछा था कि अभी तक पाकिस्तान की ओर से मुंबई हमलों को ट्रायल क्यों नहीं शुरू किया है।
पाकिस्तान की ओर से ट्रायल पर जारी ढिलाई की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिसंबर 2013 में पाक की यात्रा से साफ इंकार कर दिया था।
हर बार वादा करके मुकरा
सितंबर 2012 में ईरान में दो दिनों तक चली नैम समिट के दौरान जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बीच मुलाकात हुई तो उस समय भी मनमोहन सिंह ने 26/11 के ट्रायल में तेजी लाने की बात कही थी। उसके बाद भी पाक की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसके अलावा मनमोहन सिंह की ओर से पाकिस्तान को चेतावनी भी दी गई कि अगर पाक ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया तो दोनों देशों के बीच रिश्तों को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। लेकिन हर बार वादा करके वह मुकर गया है। अब जब नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ के सामने इस मुद्दे को लेकर कड़ा रुख पेश किया है तो यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि इस बार पाकिस्तान की ओर से किस तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।












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