सपा का पूरी तरह खात्मा कर देगी मोदी की कैबिनेट

लोक सभा चुनाव 2014 के परिणामों में सबसे ज्यादा रोचक परिणाम उत्तर प्रदेश का रहा। यूपी में सपा को सिर्फ 5 सीट ही मिल पाई और बसपा तो खाता भी नहीं खोल सकी। बताया जा रहा है कि मोदी की कैबिनेट में अमित शाह को कोई मंत्रालय अथवा कोई नया प्रभार सिर्फ इसलिए नहीं सौपा गया है क्योंकि उन्हें अभी यूपी से सपा का पूरी तरह से सफाया करना है। आम चुनाव में अमित शाह ने मोदी को 80 में से 73 सीटें दीं। संकेत साफ है कि यूपी विधानसभा चुनाव में सपा का सफाया शाह का पहला मकसद है।
वर्ष 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव होंगे। यूपी की दो सबसे बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां बसपा और सपा आम चुनाव के गम को ठीक से मना भी नहीं पाए हैं और पार्टी के मुखिया लोग अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। मोदी लहर का खौफ तो मुलायम और मायातवी ने देख लिया है इसलिए विधानसभा चुनाव उनका पहला लक्ष्य हो गया है। सूत्रों की मानें तो बसपा और सपा ने पूरी तरह से जातीय समीकरण की बिसात बिछाना यूपी में शुरु कर दिया है।
अमित शाह का नेटवर्क
मोदी कैबिनेट से बाहर लेकिन मोदी के सबसे करीबी अमित शाह की एक ही खासियत है कि इनका नेटवर्क बहुत तेज और बहुत अच्छा है। सभी को ज्ञात होगा कि जब 15 सितंबर 2013 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उममीदवार बनाया तो मोदी ने अपनी पहली और अंतिम इच्छा सभी के सामने रखी।
मोदी ने राजनाथ सिंह से मांग की थी कि अमित शाह को यूपी का चुनावी प्रभारी बना दिया जाए। अमित शाह को चुनते ही मोदी ने साफ कर दिया था कि 2014 में भाजपा की जीत होगी और 2017 में ही भाजपा यूपी से विजयी होगी।












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