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नाराज नंदन नीलेकणी करेंगे सियासत से तौबा

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नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) नंदन नीलेकणी सियासत से तौबा करने जा रहे हैं। वे अब अपना सारा फोकस शिक्षा क्षेत्र पर ही देना चाहते हैं। उनकी ख्वाहिश है कि वे देश में मैथ्स को लोकप्रिय बनाने के लिए काम करें। नीलेकणी के करीबियों ने बताया कि उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का फैसला इसलिए भी लिया है क्योंकि इसमें उन्हें कुछ खास करने को नहीं दिख रहा हैं।

Nandan Nilekani all set to quit politics

किसी ने नहीं पूछा

कहने वाले ये भी कह रहे हैं कि उन्हें इस बात से भी कहीं न कहीं नाराजगी है कि कांग्रेस के किसी असरदार नेता ने उन्हें लोकसभा चुनाव में हार जाने के बाद एक फोन करने के भी जहमत नहीं उठाई।

हारे थे छुनाव

वे बीता लोकसभा चुना हार गए थे बैंगलूर से। उन्हें भाजपा के अनंत कुमार ने मात दी थी। देश की चोटी की आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापकों में से नंदन नीलकेणी ने ही देश में आधार कार्ड का कंसेप्ट दिया।

400 करोड़ रुपये

जानकारों ने बताया कि नंदन नीलेकणी के पास इंफोसिस के जितने शेयर हैं, उससे उन्हें हर साल करीब 400 करोड़ रुपये तक लाभांश मिलता है। इतनी बड़ी राशि का वे शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग करना चाहते हैं।

आईआईटी के स्टुडेंट रहे नंदन नीलेकणी इस बात का बार-बार उल्लेख करते रहे हैं कि देश में सांइस और मैथ्स पर फोकस नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने ये बात एक बार वन इंडिया से भी कहीं थी। बात दें कि नीलेकणी की पत्नी रोहिणी नीलकेणी तो शिक्षा के क्षेत्र में पहले से ही एक्टिव हैं। वे कई एनजीओ की सहायता भी करती हैं।

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English summary
Nandan Nilekani all set to quit politics. He will focus on education. He is one the founders of Infosys.
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