'महाराष्ट्र में 1000 करोड़ की संपत्ति को क्लीन चिट, अब खाली कराया जा रहा', नाना पटोले का महायुति पर निशाना
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने सत्ता में आने के बाद महायुति गठबंधन की प्राथमिकताओं पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने महायुति ने इससे पहले चुनाव के दौरान 'लारकी बहन' (प्यारी बहन) का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी, जबकि अब रुख बदला हुआ नजर आता है। गठबंधन अब 'लारकी भाऊ' (प्यारे भाई) को प्राथमिकता दे रहा है। पटोले कहा की महायुति के रुख में यह बदलाव हाल ही में आए एक कानूनी फैसले से स्पष्ट है, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को बेनामी संपत्ति लेनदेन अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा बेनामी संपत्ति के आरोपों से मुक्त कर दिया।
विधान सभा के सदन में सोमवार को नाना पटोले सीधे अजित पवार को निशाने पर लिया। एनसीपी नेता का नाम लिए बिना उन्होंने अजित पवार के फैसलों की आलोचना की। पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार पर चुनाव के बाद अपने चुनावी वादों भूल गई है।

पटाले ने याद दिलाया कि महाराष्ट्र में इससे पहले 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के लिए क्लीन चिट दी गई और अब सत्ता में आने के तुरंत बाद इतनी महत्वपूर्ण संपत्ति को खाली करना सरकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का संकेत है।
पटोले ने 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के दौरान साकोली निर्वाचन क्षेत्र में मात्र 208 वोटों के अंतर से अपनी जीत के बारे में टिप्पणी की। उन्होंने मतदाताओं के निर्णय का सम्मान करने के महत्व पर जोर देकर अपनी जीत की वैधता का बचाव किया, जो लोकतंत्र के सार को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की अखंडता के बारे में चिंता जताई, यह सुझाव देते हुए कि चुनावी नतीजों पर सवाल उठाना मतदाताओं के अधिकारों के भीतर है।
पटोले ने महाराष्ट्र विधानमंडल की परंपराओं को बनाए रखने के महत्व पर भी बात की, खास तौर पर विपक्ष के नेता और उपाध्यक्ष के पदों के आवंटन के बारे में। उन्होंने ऐसे उदाहरणों को याद किया जब कांग्रेस ने बहुमत होने के बावजूद विपक्षी दलों को ये भूमिकाएं देकर लोकतांत्रिक मानदंडों का सम्मान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा सरकार भी इसी तरह काम करेगी, खास तौर पर 16 दिसंबर से शुरू होने वाले नागपुर सत्र के साथ। पटोले ने इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया, जिससे उन्हें सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।












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