यात्रियों ने टोकन से लगाया मेट्रो को 35 लाख का चूना
बेंगलुरु। मेट्रो लोगों की लाइफ लाइन बन गया है, लेकिन यात्रियों की वजह से मेट्रो को 35 लाख का चूना लगा है। बेगलुरु मेट्रो को यात्रियों ने अपनी करतूत की वजह से 35 लाख का झटका लगा दिया। दरअसल यात्री मेट्रो टोकन को लौटाने के बजाए अपने साथ लेकर चले जाते हैं, जिसकी वजह से मेट्रो को 35 लाख का नुकसान हुआ है। बीएमआरसीएल के यात्री साल 2011 से लेकर अब तक टोकन के जरिए उसे बड़ा नुकसान पहुंचा चुके हैं और बीएमआरसीएल इसे रोक भी नहीं पा रही है।

टोकन से मेट्रो को 35 लाख का नुकसान
बीएमआरसीएल को हुए इस नुकसान की जानकारी एक आरटीआई से मिली, जिसके मुताबिक 20 अक्टूबर, 2011 से अब तक 1.78 लाख टोकन मेट्रो में वापस नहीं लौटे, जिसकी वजह से मेट्रो को 35 लाख का नुकसान हुआ है। बीएमआरसीएल ने इसे रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन उसे खत्म नहीं कर पा रही है। यात्री टोकन डालने के बजाए उसे अपने साथ लेकर चले जाते हैं।
बढ़ाया जुर्माना फिर भी नहीं हुआ कंट्रोल
इस समस्या से निजात पाने के लिए मेट्रो ने टोकन जुर्माना बढ़ा दिया। मेट्रो ने टोकन लेकर जाने पर जुर्माना 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए कर दिया। हालांकि जुर्माना बढ़ाने से भी यात्रियों की आदत नहीं बदली। वहीं इसके पीछे लोगों का कहना है कि चूंकि मेट्रो का टोकन उन्हें ब्लाक क्वाइन की तरह लगता है इसलिए लोग उसे अपने साथ लेकर चले जाते हैं। वहीं कई बार लोग गलती से लेकर चले जाते हैं और कई बार इस गलती में लेकर चले जाते हैं कि अगली बार यात्रा में काम आएगा।












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