तीन तलाक को मुस्लिम बोर्ड ने बताया सही, कोर्ट के हस्तक्षेप पर नाराज
लखनऊ। हाल ही में मुस्लिम धर्म में तीन बार तलाक कहने पर तलाक को लेकर काफी बहस छिड़ी थी, लेकिन इन सारी बहस के बीच मुसलमानों की सर्वोच्च धार्मिक संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे जायज करार दिया है।

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लॉ बोर्ड ने तीन बार तलाक कहने को शरई कानूई के तहत जायज करार दिया है। लॉ बोर्ड ने शरीयत कानून में अदालत के फैसलें को शरीयत में दखलंदाजी माना है। सऊदी अरब का प्रस्ताव, नाटो की तर्ज पर हो मुसलमान देशों की एक सेना
पर्सनल लॉ बोर्ड ने शरीयत कानून में अदालत के फैसलों का भी विरोध किया है, साथ ही अदालत को शरीयत में दखलंदाजी नहीं करने की भी बात कही है। मुस्लिम महिला ने मंदिर में दिया बेटे को जन्म, नाम रखा गणेश
लखनऊ के नदवा कॉलेज में हुई कार्यकारिणी में बोर्ड ने फैसला लिया है कि उत्तराखंड की सायरा बानों मामले में बोर्ड ने खुद सुप्रीम कोर्ट में अपनी पैरवी का फैसला लिया है। आईएसआईएस के खिलाफ कुछ कहा, तो मुस्लिम धर्मगुरुओं की होगी हत्या
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चेयरमैन मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी ने तीन तलाक, गुजारा भत्ता, चार शादियां और हलाला मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप पर नाराजगी भी दिखायी।
बैठक में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयार जीलानी ने कहा कि वह केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि पर्सनल लॉ बोर्ड किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करें।
जीलानी ने राजस्थान में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य किये जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।












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