नर्सिंग की छात्राओं से क्लास में बार-बार सेक्स की बात करने वाले प्रोफेसर को कोर्ट ने माना दोषी
लेक्चर में सेक्स की बात करने वाले प्रोफेसर को कोर्ट ने माना दोषी
मुंबई । मुंबई के एक नर्सिंग कॉलेज के प्रोफेसर को लेक्चर में बार-बार सेक्स की बात करने पर कोर्ट ने उसे छात्राओं की अस्मिता के हनन का दोषी पाया है। 45 साल के प्रोफेसर रमेश बान्द्रे के खिलाफ नर्सिंग की छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में छात्राओं ने बताया था कि प्रोफेसर बान्द्रे मेडिकल सर्जिकल पढ़ाता था लेकिन उसके लेक्चर का ज्यादा वक्त सेक्स, हनीमून और रिलेशनशिप की बातों में ही बीतता था। वह लगातार सुहागरात और पहली बार सेक्स के अनुभव कोलेकर बात करता था। इतना ही नहीं प्रोफेसर ने अपनी पर्सनल डायरी, जिसमें सेक्स अनुभवों को लिखा था, सभी छात्राओं को पढ़ने के लिए दी थी।

कोर्ट ने कहा, सेक्स पर बात करना बुरा नहीं लेकिन..
रमेश बान्द्रे को दोषी करार देते हुए कोर्च ने कहा कि सेक्स कोई अछूत टॉपिक नहीं है, जिस पर बात ना हो ना ही ये अपवित्र औप सदाचार के खिलाफ है लेकिन जिस तरह से प्रोफेसर ने इसे पढ़ाया वो गलत तरीका था। स्थानीय अदालत ने कहा कि केस में ये साफ है कि प्रोफेसर रमेश ना सिर्फ शिक्षक के पेशे को खराब किया बल्कि छात्राओं की निजता का भी हनन किया।

बान्द्रे की पीएचडी के लिए कोर्ट ने किया रिहा
कोर्ट ने रमेश बान्द्रे को दोषी पाया लेकिन उसकी पीएचडी की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए उसे रिहा कर दिया। रमेश के खिलाफ एफआईआर जून 2012 में दर्ज हुई थी। ऐसे में इस मामले में उसे एक साल तक की सजा दी जा सकती थी। हालांकि अब एक एक्ट में बदलाव हो गया है और दो साल तक की सजा इसमें हो सकती है। कोर्ट ने उसके पुराने किसी क्रिमिनल रिकॉर्ड ना होने का भी ध्यान रखते हुए उसे सहूलियत दी।

ये थी शिकायत
रमेश बान्द्रे की एक छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया था कि उस समय वो नर्सिंग की दूसरे साल की छात्रा थी। उन्होंने बताया कि बान्द्रे के लेक्चर में हमेशा सेक्स पर ही बातें होती रहतीं। यहां तक कि कई बार छात्राओं ने इसको लेकर कहा भी कि ये उनका टॉपिक नहीं है और वो अपना सब्जेक्ट पढ़ाएं। छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज की अथॉरिटी से भी इसकी शिकायत की लेकिन बान्द्रे का यही सब करना जारी रहा तो इसकी शिकायत पुलिस में की गई और मामला कोर्ट में पहुंचा।












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