Best Bakery Case: गुजरात के बेस्ट बेकरी केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोनों आरोपी हर्षद और मफत को किया बरी
best bakery case: साल 2002 के गुजरात दंगों (gujarat riots) से जुड़े बेस्ट बेकरी केस में मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार 13 जून को अपना फैसला सुना दिया है। स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए बेस्ट बेकरी मामले में आरोपी हर्षद रावजी भाई सोलंकी और मफत मणिलाल गोहिल को बरी कर दिया।
बता दें कि यह मामला 01 मार्च 2002 का है गुजरात दंगों से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दंगाइयों ने 1 मार्च 2002 की रात वडोदरा शहर के बेस्ट बेकरी को पहले लूटा और फिर बेकरी को आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में बेकरी के अंदर रहने वाले करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी।

इस मामले में पुलिस ने चश्मीदों की शिकायत के आधार पर 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। लेकिन, सभी आरोपियों को सूबतों के अभाव में गुजरात की अदालत ने बरी कर दिया था। उस वक्त यह मामला गुजरात के वड़ोदरा की एक अदालत में ही चल रहा था। बाद में यह मामला गुजरात हाई कोर्ट भी गया।
हालांकि, इस मामले में 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसपर सुप्रीमकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस मामले को महाराष्ट्र में भेजने का निर्देश दिया था। महाराष्ट्र की स्पेशल कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई और 24 फरवरी 2006 में बेस्ट बेकरी केस के 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।
जबकि, इस मामले में 8 लोगों को बरी कर दिया गया था। दोषी करार दिए गए सभी 9 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, इस केस में 4 फरार आरोपी को साल 2013 में पकड़ा गया। ऐसा बताया जा रहा है कि उनका मुकदमा मुंबई की स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। चार आरोपियों में से दो आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी।
केस के दो आरोपियों हर्षद रावजी भाई सोलंकी और मफत मणिलाल गोहिल जेल में हैं। इस मामले में आज मुंबई के स्पेशल कोर्ट ने गुजरात के बेस्ट बेकरी मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी हर्षद रावजी भाई सोलंकी और मफत मणिलाल गोहिल को बरी कर दिया।












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