औरंगजेब की सोच ने ही अलकायदा, ISIS, JeM और लश्कर-ए-तैयबा को जन्म दिया-नकवी
नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को एकेडेमिक्स फॅार नेशन द्वारा दारा शिकोह पर आयोजित परिसंवाद को संबोधित किया। यहां अपने संबोधन में नकवी ने कहा कि औरंगजेब आतंकवाद का प्रतीक था। नकवी ने कहा कि हिन्दुत्व और इस्लाम के सहअस्तित्व पर शांति के संदेश के वाहक एवं सर्व धर्म समभाव के उपासक मुगल सम्राट शाहजहां के पुत्र दारा शिकोह जीते जी अपने भाई औरंगजेब की क्रूरता की बली चढ़े और मरणोपरांत तथाकथित धर्मनिरपेक्ष इतिहासकारों के असहिष्णुता के शिकार बने।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दारा शिकोह कुछ इतिहासकारों की सुनियोजित साजिश के शिकार हुए हैं जिन्होंने उनके संदेश तथा उनकी हिन्दुस्तानी संस्कृति और परंपरा की विचारधारा को इतिहास के पन्नों से गायब कर दिया है। ऐसा करके इन इतिहासकारों ने बहुत बड़ा अपराध किया है। उन्होंने कहा कि राज गद्दी के लिए अपने भाई दारा शिकोह का सर कलम करके जेल में बंद अपने पिता शाहजहां के पास भेजने वाला औरंगजेब आतंकवाद का प्रतीक था और दारा शिकोह राष्ट्रीयता के परिचायक थे।
उन्होंने कहा," कुछ वामपंथी, सेक्युलर इतिहासकारों की जमात ने अराजक एवं हिंसक औरंगजेब जैसे शासक का महिमामंडन करने का काम किया। औरंगजेब की सोच इंसानी मूल्यों, हिंदुस्तान की सनातन संस्कृति को तबाह करने की साजिशों से भरी थी। ऐसी ही सोच ने अलकायदा, आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे शैतानी संगठनों को जन्म दिया। अगर हमने दारा शिकोह की संस्कृति-संस्कार और सन्देश को अपनी पीढ़ी की रगों में उतारा होता तो ऐसी शैतानी ताकतें, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं, वे ही पनप नहीं पातीं।












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