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दया याचिका दाखिल करने वाले निर्भया के हत्‍यारें मुकेश ने निर्भया को लेकर दिया था ये बेशर्मी भरा बयान

nirbhya case: Mukesh, the killer of Nirbhaya who filed mercy petition, gave this shameless statement about Nirbhayaदया याचिका दाखिल करने वाले निर्भया के दोषी मुकेश ने कहा था कि निर्भया अगर विरोध नहीं करती थी तो उसका ये हाल नहीं होता, जानिए इसके अलावा उसने क्या बेसर्मी से भरी बातें कही थी।

बेंगलुरु। निर्भया केस में मौत का फरमान जारी होने के बाद से तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के हत्यारों की नींद उड़ चुकी हैं। जैसे-जैसे फांसी की तारीख नजदीक आ रही चारों की बेचैनी बढ़ती जा रही हैं। फांसी की तारीख टल जाए इसके लिए यह एक के बाद एक कानूनी दांव चल रहे हैं। अब दोषी मुकेश ने दया याचिका दाखिल कर न्‍याय की गुहार लगायी है। दिल्ली सरकार ने दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज कर दिया है।अब दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुकेश की याचिका को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पास भेज दी है।

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बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया था। इस मामले में मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत के डेथ वारंट को खारिज करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था, चूंकि 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के दोषियों में से एक ने दया याचिका दायर की है, इसलिए मौत की सजा प्राप्त दोषियों की फांसी 22 जनवरी को नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में दोषी मुकेश को निचली अदालत में जाकर यह बताने को कहा है कि उसकी दया याचिका राष्ट्रपति के पास अभी लंबित है। मुकेश की इस दया याचिका के बाद फांसी को लेकर 22 जनवरी को फांसी दिए जाने को लेकर पेंच फंस गया है अब जब तक राष्ट्रपति फैसला नहीं दे देते, तब तक फांसी नहीं हो सकती है।

ये वहीं हत्‍यारा है जिसे कभी अपने किए पर नहीं हुआ पछतावा

ये वहीं हत्‍यारा है जिसे कभी अपने किए पर नहीं हुआ पछतावा

मौत को सामने देख कर न्‍यायालय में दया की गुहार लगाने वाला मुकेश की अब सारी अकड़ और घमंड काफूर हो चुका हैं। यह वहीं निर्भया का हत्‍यारा है जिसने कभी नहीं माना कि उसने गलत किया है। इतना ही निर्भया को लेकर इसने ही ऐसा बयान दिया था जिसने बेशर्मी की सारी हदें ही पार कर दी थी। जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। अपने किए पर शर्मिन्‍दा होने के बजाय दोषी मुकेश उल्‍टा निर्भया को ही बलात्कार के लिए दोषी ठहरा रहा था। इतना ही नहीं बीबीसी को दिए गए साक्षात्कार में उसने अपनी पूरी भड़ास निकाली थी।

इस डॉक्‍यूमेंट्री में है मुकेश सिंह का कबूलनामा

इस डॉक्‍यूमेंट्री में है मुकेश सिंह का कबूलनामा

गौरतलब है कि बीबीसी ने इस साक्षात्कार के बाद 'इंडियाज़ डॉटर' नामक डॉक्यूमेंट्री को फिल्ममेकर लेस्ली उड्विन ने बनाया था। यह डॉक्यूमेंट्री निर्भया केस पर आधारित थी। इसमें निर्भया के दोषी मुकेश सिंह के कबूलनामे से इस मुद्दे पर एक बार फिर नए सिरे से बहस शुरू हो गई थी। इस डॉक्यूमेंट्री के प्रसारित होने से पहले ही भारत सरकार ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। जिसके बाद भारत में इसके प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी।

रेप की जिम्मेदारी निर्भया पर ही मढ़ रहा था ये हत्‍यारा

रेप की जिम्मेदारी निर्भया पर ही मढ़ रहा था ये हत्‍यारा

अब मौत का फंदा आंखों के सामने झूलता हुआ देख कर जिस मुकेश के पैरों तले जमीन खिसक गयी है लेकिन इस साक्षात्कार के समय उसे निर्भया का रेप करने और उसकी निर्मम हत्‍या करने पर शर्मिंदगी होने के बजाय उल्टा घमंडी की तरह खुद के किए पर फख्र करता दिखा था। उसने साक्षात्कार में जो बयान दिया उसे सुनकर हर किसी का खून खौल गया। इतना ही नहीं उसने उस समय जो बात कही थी वो निर्भया के साथ किए गए रेप की जिम्मेदारी निर्भया के मथ्थे पर ही मढ़ रहा था।

कोई शरीफ लड़की रात के 9 बजे घर से बाहर नहीं घूमती है

कोई शरीफ लड़की रात के 9 बजे घर से बाहर नहीं घूमती है

मुकेश ने इंटरव्यू के दौरान कहा था, 'किसी रेप के लिए एक लड़के से ज्यादा लड़की जिम्मेदार होती है। ताली कभी एक हाथ से नहीं बजती। इसके लिए 2 हाथ चाहिए होते हैं। कोई शरीफ लड़की रात के 9 बजे घर से बाहर नहीं घूमती है। लड़का और लड़की बराबर नहीं होते हैं।

उसे हमें रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी

उसे हमें रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी

मुकेश ने कहा था कि लड़कियां घरों का काम करने के लिए बनी होती हैं न कि रात में गलत कपड़े पहनकर डिस्को और बार में घूमने के लिए। शालीन महिलाओं को रात 9 बजे के बाद घर से बाहर नहीं घूमना चाहिए। सिर्फ 20 प्रतिशत लड़कियां ही अच्छी होती हैं। जब हम उसका रेप कर रहे थे, तब उसे हमें रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए थी। उसे चुपचाप जो हो रहा था, होने देना था। तब हम उसके साथ रेप करने के बाद उसे घर छोड़ देते। ऐसा होता तो बलात्कार कर के उसे छोड़ देते, बस उसके दोस्त की पिटाई करते।

'हमारी फांसी लड़कियों के लिए खतरा साबित होगी'

'हमारी फांसी लड़कियों के लिए खतरा साबित होगी'

मुकेश ने साक्षात्‍कार में कहा था कि किसी भी रेपिस्ट को मौत की सज़ा देना लड़कियों के लिए और खतरनाक हो जाएगा। मुकेश ने आगे कहा, 'पहले रेप करके कहते थे, ‘इसे छोड़ दो, ये किसी से नहीं कहेगी.' लेकिन अब जो रेप करेंगे, वो लड़की को सीधे मार देंगे, छोड़ेंगे नहीं। इतना ही नहीं, दोषियों के एक वकील ए.पी. सिंह ने भी कुछ इसी तरह की मानसिकता का प्रदर्शन करते हुए कहा, 'अगर मेरी बेटी या बहन शादी से पहले किसी के साथ संबंध बनाएगी, अपना चरित्र खराब करेगी, तो मैं खुद उसे अपने फार्म हाउस लेकर जाऊंगा और सबके सामने उस पर पेट्रोल डाल कर उसे जला दूंगा। 'हमारी फांसी लड़कियों के लिए खतरा साबित होगी'

फिर अब क्यों मांग रहा दया की भीख

फिर अब क्यों मांग रहा दया की भीख

मुकेश का यह बयान पर गौर करिए तो वह एक शातिर अपराधी मानसिकता रखता है अगर वह पकड़ा नहीं जाता तो अब तक न जाने कितनी निर्भया जैसी मासूम जिंदगियों को बरबाद कर उन्‍हें मौत के घाट उतार चुका होता। बता दें दिंसबर 2012 में निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले छह दंरिंदों में तो एक खुद को नाबालिग साबित कर म‍हज तीन साल की सजा काट कर जेल से रिहा हो गया और दोषी रामसिंह ने जेल में अपने को फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं दोषी पवन गुप्ता अब खुद को अब नाबालिग बताने की कोशिश कर रहा था, अक्षय ठाकुर ने तो खुद के गरीब होने को फांसी से बचने के बहाने की तरह इस्तेमाल करना चाहा, लेकिन मुकेश किस मुंह से दया की अपील कर रहा है। मुकेश तो वो शख्स है, जिसे अपने किए पर आत्मग्लानि होने के बजाय यहां तक कह दिया कि फांसी की सजा का मतलब है कि अब हर रेपिस्ट रेप के बार लड़कियों की हत्या कर देगा। उसने तो ये भी कह दिया कि निर्भया ने चुपचाप रेप करने दिया होता तो वह बच जाती।

फांसी से भी भयावह सजा मिलनी चाहिए

फांसी से भी भयावह सजा मिलनी चाहिए

इस साक्षात्कार को सुनने के बाद हर किसी का खून खौल उठा था। सबका ये ही कहना था कि मुकेश जैसे अपराधियों को सिर्फ फांसी देना काफी नहीं है। उसकी सजा तो इतनी भयावह होनी चाहिए कि क्रूरता की सारी हदें ही पार हो जाएं। मुकेश जैसी मानसिकता रखने वालों को ये समझ आए कि रेप करना और हत्या कर देने को भले ही वह बाएं हाथ का खेल समझते हों, लेकिन इसकी सजा इतना भयावह होग कि अच्छे अच्छों की रूह कंपा देगी. कानून में इसका भी प्रावधान किया जाना चाहिए। बता दें कई सामाजिक संगठनों की तरफ से ये मांग की जा रही है कि निर्भया के दोषियों की फांसी का लाइव प्रसारण किया जाए। लेकिन यह मुमकिन नहीं हैं।

 परिवार से मिलने की अभी निर्धारित नहीं हुई है अंतिम तारीख

परिवार से मिलने की अभी निर्धारित नहीं हुई है अंतिम तारीख

बता दें निर्भया मामले के दोषी मुकेश से मिलने के लिए बुधवार को उसकी मां जेल आई थी। जनवरी माह में उसकी मां की यह दूसरी मुलाकात है। जेल सूत्रों का कहना है कि उसकी मां ने मुकेश से केस के बारे में पूछताछ की। करीब आधे घंटे की मुलाकात के बाद उसकी मां चली गई। मां से मुलाकात के बाद मुकेश कुछ देर तक शांत रहा। जेल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दोषियों को परिवार वाले से मिलने में कोई रोक टोक नहीं है। वह सप्ताह में दो बार दोषियों से मिल सकते हैं। जेल अधिकारियों के मुताबिक अभी परिवार वालों से अंतिम बार मुलाकात करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में परिवार वाले दोषियों से मिल सकते हैं।

समय से पूर्व दायर की गयी है मुकेश की याचिका

समय से पूर्व दायर की गयी है मुकेश की याचिका

चारों दोषियों विनय शर्मा (26), मुकेश सिंह (32), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को 22 जनवरी को तिहाड़ जेल में सुबह सात बजे फांसी देना है। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी मौत की सजा के फैसले पर अमल के लिए सात जनवरी को वारंट जारी किया था। मौत की सजा के फैसले पर अमल के लिए जारी वारंट को चुनौती देने वाली दोषी मुकेश की याचिका पर दिल्ली सरकार और केंद्र ने न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल को बताया कि यह समय से पूर्व दायर की गई याचिका है।

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