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निर्भया गैंगरेप के दोषी मुकेश की दया याचिका पहुंची गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार ने किया खारिज

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नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से डेथ वारंट जारी होने के बाद भी तय समय पर फांसी दिए जाने को लेकर संदेह पैदा होने लगे हैं। दोषी मुकेश ने फांसी पर फैसला बदलने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दया की मांग की है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय को मुकेश सिंह की दया याचिका मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक उसकी याचिका को अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

7 साल पहले हुई थी दरिंदगी

7 साल पहले हुई थी दरिंदगी

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 में देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया के साथ दरिंदगी की गई थी। घटना के 7 साल पूरे होने के बाद भी अभी तक इस मामले में दोषियों को फांसी नहीं दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोषी अपने बचाव के लिए कर कानूनी दांव पेंच का इस्तेमाल कर चुके हैं। निर्भया की मां ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की थी। कोर्ट में फैसला सुनाते हुए 22 जनवरी, 2020 को सुबह साथ बजे फांसी देने का आदेश दिया।

दिल्ली सरकार ने खारिज की दया याचिका

दिल्ली सरकार ने खारिज की दया याचिका

फांसी की डेट जारी होने के बाद अब चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह अपने बचाव के लिए दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर की जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई। दूसरी तरफ मुकेश ने दिल्ली सरकार के पास भी दया याचिका भेजी जिसे केजरीवाल सरकार ने खारिज कर दिया। गुरुवार को मुकेश की याचिका पर दिल्ली की एक कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दोषियों को निर्धारित फांसी की स्थिति के बारे में 17 जनवरी तक उचित रिपोर्ट दर्ज करें।

मुकेश को कभी अपने किए पर नहीं हुआ पछतावा

मुकेश को कभी अपने किए पर नहीं हुआ पछतावा

मौत को सामने देख कर न्‍यायालय में दया की गुहार लगाने वाला मुकेश की अब सारी अकड़ और घमंड काफूर हो चुका हैं। यह वही निर्भया का हत्‍यारा है जिसने कभी नहीं माना कि उसने गलत किया है। इतना ही निर्भया को लेकर इसने ही ऐसा बयान दिया था जिसने बेशर्मी की सारी हदें ही पार कर दी थी। जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। अपने किए पर शर्मिन्‍दा होने के बजाय दोषी मुकेश उल्‍टा निर्भया को ही बलात्कार के लिए दोषी ठहरा रहा था। इतना ही नहीं बीबीसी को दिए गए साक्षात्कार में उसने अपनी पूरी भड़ास निकाली थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने डेथ वारंट पर रोक लगाने से किया था इनकार

मुकेश की डेथ वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्‍ली हाई कोर्ट में सुनवाई में बड़ा झटका लगा। इस दौरान हाईकोर्ट में दिल्‍ली सरकार की ओर से पेश हुए वकील राहुल मेहरा ने इस याचिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है। उन्‍होंने कोर्ट में कहा कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिनों बाद फांसी होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी किए गए डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

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English summary
Home Ministry has received mercy petition gang-rape case convict Mukesh Singh
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