केंद्रीय विद्यालयों में खत्म हो सकता है सांसदों का कोटा, केंद्र सरकार कर रही विचार
नई दिल्ली, 21 मार्च। देश के सभी जनपदों में संचालित केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalayas) में प्रवेश को लेकर सांसदों के कोटे पर सरकार विचार करने जा रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की ओर से सदन में यह मुद्दा उठाया गया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सदन में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है।

देश के सभी जिलों में केंद्रीय विद्यालयों में 10 प्रतिशत सीटें सांसदों कोटे से आरक्षित होती हैं। लोकसभा में यह मुद्दा सबसे पहले कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने उठाया था। उन्होंने यह कहा था कि सांसदों के लिए 10 सीटों का कोटा पर्याप्त नहीं है। उन्हें केंद्रीय विद्यालयों की सीटों पर सिफारिशों के लिए बहुत से अनुरोध प्राप्त होते हैं। ऐसे में सीटों का कोटा या तो बढ़ाया जाए या फिर इसे समाप्त कर दिया जाए।
सांसदों का यह कोटा शुरुआती पहले प्रति शैक्षणिक वर्ष 2 सीटों को लेकर था जिसे बाद में पांच और वर्तमान में 10 सीटों का है। हालांकि, कई सांसदों ने इस कदम का विरोध किया है। उन्होंने इस कोटे को बढ़ाने की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य महुआ मोइत्रा ने कहा कि इसे खत्म करना बहुत मुश्किल होगा।
सोमवार को लोकसभा में इस मामले पर चर्चा के बाद यह कदम सामने आया, जब अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalayas) में सांसदों का कोटा खत्म किया जाए या नहीं यह तय करने के लिए मंत्री सदन में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करें। यह भेदभावपूर्ण कोटा क्यों हो। पार्टियों के नेताओं के साथ इस पर चर्चा की जाए। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद अब सरकार राजनीतिक दल के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। जिसमें यह विचार किया जाएगा कि क्या केंद्रीय विद्यालयों में सांसदों का कोटा रखना आवश्यक है। साथ ही इस विषय पर विचार किया जाएगा कि एक शैक्षणिक वर्ष में केंद्रीय विद्यालयों में 10 छात्रों के प्रवेश की सिफारिश करने का सांसदों का विशेषाधिकार रखना उचित है या फिर इसे समाप्त हो जाना चाहिए।
वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस कोटे को खत्म करने पर विचार करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हबम लोगों के प्रतिनिधि हैं। ऐसे में कुछ लोगों के लिए विशेष सिफारिश नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा है कि अगर सदन सांसदों का कोटा खत्म करने पर एकमत है तो सरकार उस दिशा में कदम बढ़ा सकती है। मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार हर दो-तीन साल में केंद्रीय स्कूलों की स्थापना को मंजूरी देती है। देश के लगभग सभी जिलों में कम से कम एक केंद्रीय विद्यालय स्थापित है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के बच्चों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्थापित किए गए थे। ऐसे अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद उनके बच्चों की शिक्षा को लेकर यह व्यवस्था दी गई थी। अधिकारियों का स्थानांतरण भी उन्ही क्षेत्रों में किया जाता है जहां इस प्रकार के केंद्रीय शिक्षण संस्थान होते हैं।
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