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MP Political Drama: बोले शिवराज सिंह चौहान-बागी विधायकों को जान का खतरा, CRPF सुरक्षा दे सरकार

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भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार सियासी उठापटक जारी है, आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम सीमा पर है तो इसी बीच राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान नेकहा कि जब बेंगलुरू में रह रहे कांग्रेस के बागी विधायक भोपाल आने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल CRPF की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार को इसे मुहैया कराने में क्या तकलीफ है, वो क्यों नहीं कह रही है कि वो विधायकों को सुरक्षा देगी।

    Madhya Pradesh Crisis : Shivraj Singh Chouhan बोले,बागी MLAS को मिले CRPF सुरक्षा | वनइंडिया हिंदी
    शिवराज ने बागी विधायकों को CRPF सुरक्षा देने की मांग की

    शिवराज ने बागी विधायकों को CRPF सुरक्षा देने की मांग की

    मध्यप्रदेश में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच बीजेपी विधायकों से मिलने पहुंचे चौहान ने कहा कि बेंगलुरू में रह रहे बागी विधायक अगर यहां आते, तो बागी विधायकों को जान का खतरा हो सकता था। सरकार चाह रही थी कि इन्हें रास्ते में रोक दिया जाये और ये विधानसभा में न पहुंचे।

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    सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

    तो वहीं दूसरी ओर बुधवार को मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के वकीलों की ओर से कोर्ट में दलील पेश की गई। सुनवाई के दौरान जज ने पूछा कि अगर जिन विधायकों ने अपना इस्तीफा दिया है वह स्पीकर से कल मिल लें तो क्या वह उन पर अपना फैसला ले लेंगे।

    बागी विधायकों के वकील ने उठाया सुरक्षा का सवाल

    बागी विधायकों के वकील ने उठाया सुरक्षा का सवाल

    बागी विधायकों के वकील ने कोर्ट में कहा कि हमारी सुरक्षा का सवाल है, हमने विचारधारा के कारण इस्तीफा दिया है और स्पीकर अनिश्चित काल के लिए इस्तीफे पर बैठ नहीं सकते हैं। कोर्ट का हाल का ही फैसला है जोकि कहता है कि जल्द से जल्द स्पीकर को फैसला लेना चाहिए। कोर्ट इस मामले की सुनवाई आज फिर से सुबह 10.30 बजे करेगा।

    मुश्किल में है कमल नाथ सरकार

    मुश्किल में है कमल नाथ सरकार

    मालूम हो कि कमल नाथ सरकार इस वक्त मुश्किलों में घिरी है, ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के इस्तीफे के बाद वो सवालों के घेरे में है और उस पर सरकार बचानेका दवाब बना हुआ है। दरअसल कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद 230 सीटों वाली विधानसभा में 222 सदस्य रह गए हैं। दो सीटें दो विधायकों की मौत के बाद से खाली चल रही हैं। ऐसे में बहुमत के लिए 112 विधायकों की जरूरत है। सियासी ड्रामे से पहले कांग्रेस ने चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा विधायकों के साथ आने के बाद 121 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी। विधानसभा में 114 सदस्यों वाली कांग्रेस के पास 22 विधायकों के इस्तीफे के साथ 92 विधायक रह गए हैं। बाकी के 16 विधायकों के इस्तीफे कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किए हैं। वहीं, भाजपा के पास बहुमत से पांच कम 107 विधायक हैं।

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    English summary
    BJP vice-president and former chief minister Shivraj Singh Chouhan Wednesday said that when the MLAs holed up in Bengaluru are demanding Central Reserve Police Force (CRPF) security, then why the state government is not providing the same to them.
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