महुआ के आरोपों पर निशिकांत दुबे का पलटवार, कहा-व्यक्तिगत प्रश्न उनके 'दोस्तों' ने पूछे
Nishikant Dubey on Mahua Moitra: पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों से घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की सदस्यता खतरे में हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा की आचार समिति (एथिक्स कमेटी) ने महुआ मोइत्रा से जुड़े मामले में स्पीकर ओम बिरला को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
वहीं अब मोइत्रा के पूर्व मित्र जय अनंत देहाद्राई के गिए गए सबूतों का हवाला देते हुए टीएमसी सांसद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सांसद के कथित चीरहरण के बयान पर निशाना साधा।

महुआ मोइत्रा के के खिलाफ 'कैश-फॉर-क्वेरी' के आरोपों पर भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर कोई सांसद कहता है कि मेरे OTP का इस्तेमाल 4 अन्य लोगों द्वारा किया जाता है, तो यह गलत है, सरकार ने यह अधिकार नहीं दिया है...यदि हमें एक पोर्टल और लॉगिन क्रेडेंशियल मिला है, तो सांसद होने के नाते मिला है।"
उन्होंने कहा कि लोकसभा सचिवालय ने सभी सांसदों के लिए एक PA दिया है। यदि वह PA सक्षम नहीं है, तो आप उसे हटा सकते हैं और एक नया PA नियुक्त कर सकते हैं। आप किसी बाहरी व्यक्ति को अपना लॉगिन क्रेडेंशियल नहीं दे सकते। उसमें भारत के बारे में संवेदनशील जानकारी होती है। उन सूचनाओं से बाजार में हेरफेर की जा सकती है।"
महुआ के आरोपों पर निशिकांत दुबे का पलटवारमहुआ मोहत्रा के चीरहरण वाले बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि टीएमसी सांसद का 'चीरहरण' विपक्ष के इंडिया ब्लॉक द्वारा किया गया था। ना कि लोकसभा आचार समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर द्वारा।
उन्होंने कहा कि 'व्यक्तिगत प्रश्न' महुआ मोइत्रा के 'दोस्तों' द्वारा पूछे गए थे, जो एथिक्स पैनल के सदस्य भी थे, जिसने टीएमसी सांसद के खिलाफ 6:4 बहुमत के साथ अपनी मसौदा रिपोर्ट को अपनाया है।
आपको बता दें कि मोइत्रा ने एथिक्स पैनल की 2 नवंबर की बैठक से बाहर निकलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा एक पत्र जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि समिति की उपस्थिति में अध्यक्ष सोनकर (भाजपा सांसद) द्वारा उन्हें "कथित वस्त्रहरण" का शिकार होना पड़ा। महुआ के इन आरोपों पर उन्हें दानिश अली सहित विपक्षी सदस्यों का सपोर्ट मिला था।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि "मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोइत्रा पर टारगेट व्यक्तिगत प्रश्न दानिश अली द्वारा पूछे गए थे, न कि अध्यक्ष विनोद सोनकर द्वारा। महुआ मोइत्रा का चीरहरण उनके दोस्त ही कर रहे हैं। ये सवाल दानिश अली और जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव से पूछा जाना चाहिए। किसी और से नहीं, लेकिन आज, कुछ चीजें जो मुझे मीडिया से समझ में आती हैं, वह यह है कि द्रौपदी का चीरहरण INDI ब्लॉक द्वारा किया जा रहा है।"












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