26 अक्टूबर को विदा हो जाएगा Monsoon, यूपी-बिहार में भारी बारिश की आशंका, केरल में Yellow Alert
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। भारी बारिश के कारण इस वक्त उत्तराखंड और केरल बुरी तरह से ग्रसित हैं, यहां बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। उत्तराखंड में सरकार के मुताबिक बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हुई है। जिसमें कुमाऊं में सबसे ज्यादा 42 की मौतें हुईं हैं, हालांकि वहां राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है लेकिन राज्य में अभी भी मौसम खराब है और इंटरनेट सेवा बाधित है।

केरल में Yellow Alert
तो वहीं भारतीय मौसम विभाग ने केरल के 11 जिलों से Orange Alert वापस ले लिया है और अब वहां उसने Yellow Alert जारी किया है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिले जलमग्न हैं और बहुत सारे लोग बेघर भी हो गए, हालांकि प्रशासन लोगों की मदद कर रहा हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम तेजी से जारी है।

26 अक्टूबर को विदा हो जाएगा Monsoon
जहां उत्तराखंड और केरल का ये हाल है, वहीं दूसरी ओर आईएमडी के मुताबिक 26 अक्टूबर तक पूरे देश से मानसून की विदाई हो जाएगी और उत्तराखंड का बुरा वक्त बीत चुका है लेकिन मानसून कि विदाई के वक्त यूपी,, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगााल, सिक्किम और नार्थ ईस्ट में भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान कहीं पर तेज हवाएं भी चलेंगी और बिजली भी कड़क सकती हैं।।
23 अक्टूबर को भारी बारिश के आसार
आईएमडी ने कहा है कि गोवा, कर्नाटक के कुछ और हिस्से में 23 अक्टूबर को भारी बारिश के आसार नजर आ रहे हैं।

भारी बारिश होने की आशंका
तो वहीं मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान सिक्किम, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं तो वहीं पू्र्वी बिहार, आंध्र प्रदेश, तटीय ओडिशा के कुछ हिस्सों, पूर्वी उत्तर प्रदेश की तलहटी, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश होने की आशंका नजर आ रही है।

6 अक्टूबर से मानसून की वापसी शुरू हुई है
आपको बता दें कि उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी आमतौर पर 17 सितंबर से शुरू होती है लेकिन इस साल 6 अक्टूबर से मानसून की वापसी शुरू हुई है। आपको बता दें कि मानसून की वापसी में इससे पहले देरी साल 1975 में हुई थी।












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