Monsoon: 6 अक्टूबर से हो सकती है मानसून की विदाई, IMD ने मौसम को लेकर कही बड़ी बात
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दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी कब?
आपको बता दें कि मानसून की बारिश भारत के किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की कृषि मानसून पर ही आधारित है।
साउथ-वेस्ट मानसून
आमतौर पर 1 जून के आस पास साउथ-वेस्ट मानसून केरल पहुंचता है और सितंबर के मध्य में राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी राज्य से वापसी करता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, बल्कि इस बार समय से पहले दस्तक देने वाले मानसून ने बीच में ब्रेक लिया और इसके बाद दिल्ली में इसकी एंट्री निर्धारित वक्त से लेट हुई, इसके बावजूद अगस्त-सितंबर में रिकार्ड तोड़ बारिश हुई है और अभी तक जारी है।

भारी बारिश का अलर्ट
इसके कारण इस बार मानसून देर से भारत से विदा हो रहा है। आपको बता दें कि आईएमडी ने आज गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की है तो वहींपश्चिम बंगाल और बिहार में आज से लेकर 2 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात के कारण भारी बारिश
आईएमडी के मुताबिक इस साल चक्रवात के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में इस सप्ताह भारी बारिश हुई, जिससे कटाई के लिए तैयार गर्मियों में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान का आंकलन अभी किया नहीं गया है।

6 तारीख तक करना पड़ेगा बारिश का सामना
आईएमडी ने कहा है कि मानसून की वापसी से मौसम में परिवर्तन होगा और रातें अब ठंडी होंगी। हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम काफी खराब रहने वाला है लेकिन 3 तारीख के बाद यहां मौसम बदलेगा और तापमान में गिरावट होगी, जो कि सर्दियों की आहट होगी। फिलहाल अभी 6 तारीख तक तो लोगों को बारिश का ही सामना करना होगा।












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