केरल में 1 जून को पहुंचेगा मानसून, होगी झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले
नई दिल्ली। गर्मी के सख्त तेवर के बीच में भारतीयों के लिए एक राहत भरी खबर आयी है, इस साल दक्षिणी पश्चिमी मानसून केरल में एक जून तक पहुंचेगा। मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक यह मानसून आने का सामान्य समय है, इसमें पांच दिन पहले या पांच दिन बाद का अंतर संभव है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहेगा जिसके चलते औसत के मुकाबले 97 फ़ीसदी बारिश होने के आसार हैं, जो किसानों के लिए खुश होने वाली खबर है।

अच्छी बारिश होने की संभावना
मालूम हो कि पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच भारत में औसत से कम बारिश हुई थी जिसके कारण देश के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति पैदा हो गई थी लेकिन इस बार मौसम विभाग का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं होगा।

भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक के जे रमेश
इससे पहले भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक के जे रमेश ने कहा कि आईएमडी को इस साल देश में 97 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है, हालांकि बारिश में पांच प्रतिशत तक की कमी या बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सूखे के आसार ना के बराबर
इससे पहले स्काईमेट ने कहा था कि इस बार पर्याप्त बारिश होगी और देश मे सूखे के आसार ना के बराबर है। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल देश के हर इलाके में अच्छी बारिश का अनुमान है।

47 साल में सिर्फ तीन बार वक्त पर आया मानसून
सामान्य रूप से केरल में मानसून पहुंचने की तारीख एक जून मानी जाती है लेकिन ये तारीख आगे-पीछे होती रहती है। 47 साल में सिर्फ तीन साल 1980, 2000 और 2013 में मानसून एक जून को आया है। वहीं 2004 में 18 मई को ही मानसून आ गया था। जबकि 1972 में 18 जून को केरल में पहली बारिश हुई।












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