Money Laundering Case : सत्येंद्र जैन दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
Money Laundering Case Satyendar Jain के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जैन केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे थे।

दिल्ली के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ आदेश पारित किया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सत्येंद्र जैन ने देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में सत्येंद्र जैन की तरफ से हाईकोर्ट के फैसले को चैलेंज किया गया है।
विपक्ष के निशाने पर AAP और सत्येंद्र जैन
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन ने अपनी जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सत्येंद्र जैन इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं, लेकिन हाल ही में उनकी वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें उन्हें मालिश कराते देखा गया था। विपक्षी दलों ने इस घटना पर AAP, सीएम अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन को आड़े हाथों लिया है।
12 दिसंबर को खंडपीठ में सुनवाई
सत्येंद्र जैन ने धन शोधन के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के 1 दिसंबर के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। अब सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 12 दिसंबर को जैन के मामले की सुनवाई करेगा। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच में सत्येंद्र जैन के केस की सुनवाई होगी। जैन ने अपनी जमानत याचिका की जल्द सुनवाई के लिए निर्देश मांगा है।
लोअर कोर्ट से नहीं मिली राहत
बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने 1 दिसंबर के आदेश के माध्यम से ईडी को जैन की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था। हाईकोर्ट में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। लोअर कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट में दलील- आरोपी के भागने का जोखिम नहीं है
जब निचली अदालत ने जमानत देने से इनकार किया तो इस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचे सत्येंद्र जैन ने कहा था कि वह गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं हैं। ईडी ने धन शोधन निवारण (पीएमएलए) अधिनियम के तहत ईसीआईआर (FIR के बराबर) 30 सितंबर, 2017 को ही दर्ज की है। 5 साल बाद गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन ने हाईकोर्ट से कहा कि इस मामले में राहत दिए जाने पर उनके भागने का कोई जोखिम नहीं है।
मंत्री सत्येंद्र जैन पर क्या आरोप हैं
बता दें कि ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत 2017 में जैन के खिलाफ दर्ज सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। ईडी ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जैन पर कथित रूप से उनसे जुड़ी चार कंपनियों के माध्यम से धन शोधन करने का आरोप है।












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