मोदी सरकार ने कतरे डिफॉल्‍टर बिजनेसमैन के पर, 91 का नाम No fly list में डाला

नई दिल्ली। हाल ही में जिस तरह से पंजाब नेशनल बैंक में हजारों करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया और उसके बाद नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश छोड़कर फरार हो गए उसके बाद मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। सरकार अब ऐसा सख्त कानून लाने की तैयारी में है जिसके बाद घोटाला करके देश छोड़कर विधेश भागना आसान नहीं होगा। मुंबई कोर्ट ने पिछले हफ्ते एयरसेल लिमिटेड के एग्जीक्युटिव टी आनंद कृष्णन जो मलिशिया के अरबपति बिजनेसमैन हैं उन्हें बिना इजाजत भारत से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। मोबाइल कंपनी का दिवालिया निकलने वाला है, जिसे देखते हुए कोर्ट ने एग्जीक्युटिव पर पाबंदी लगा दी है। इसी दिन संसद में आर्थिक घोटाला करने के बाद देश छोड़कर भागने वालों को लेकर भी एक अध्यादेश पेश किया गया। इसमे 91 लोगों की पहचान की गई है जिन्हे नो फ्लाइ लिस्ट में डाला गया है। ये वो लोग हैं जो जानबूझकर आर्थिक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और इन्होंने अपने कर्ज का भुगतान करने से इनकार कर दिया है।

जोखिम नहीं लेना चाहती है मोदी सरकार

जोखिम नहीं लेना चाहती है मोदी सरकार

नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या आदि के देश छोड़कर फरार होने के बाद लोगों में सरकार के प्रति काफी गुस्सा है। ऐसे में सरकार का यह फैसला लोगों के गुस्से को कुछ हद तक जरूर कम करेगा। इन बिजनेसमैन की वजह से 210 बिलियन डॉलर का बैंको को नुकसान हुआ है। आपको बता दें कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश की सत्ता संभाली थी तो उन्होंने विदेश से काला धन वापस लाने का वायदा किया था, लेकिन लगातार बैंकों के बढ़ते कर्ज और उद्योगपतियों के घोटाले की वजह से सरकार को किरकिरी का सामना करना पड़ रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार इस ओर बड़ा कदम उठाना चाहती है।

सरकार सख्त

सरकार सख्त

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में कहा था कि हम लोगों को कानून का मजाक बनाने की इजाजत नहीं दे सकते हैं, पहले आप लूट करते हैं और उसके बाद आप कानून का भी सामना करने से इनकार कर देते हैं, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अकाउंटेंसी फर्म ई एंड वाई के अरपिंदर सिंह ने कहा कि इस तरह के अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़े कदम की जरूरत है। उनका कहना है कि उद्योग जगत पर मौजूदा समय में काफी दबाव है ,ऐसे में सरकार का कदम इस समय काफी अहम है।

31 लोग फरार

31 लोग फरार

14 मार्च को संसद में सरकार ने इस बात की जानकारी दी है कि 31 भारतीय अभी तक कानून से बचने के लिए देश छोड़कर विदेश भाग चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में यूके से सरकार को इनमे से अभी तक सिर्फ एक व्यक्ति को भारत लाने में सरकार को सफलता मिली है, जबकि 16 के मामले अभी भी लंबित है। क्रिमिनल लॉयर आदित्य वधावा का कहना है कि सरकार को प्रत्यर्पण संबंधित कानून और सख्त करने की जरूरत है। संसद को ऐसा कानून बनाना चाहिए कि जो लोग 1 बिलियन रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार में लिप्त हैं उन्हें विदेश जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।

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