भाजपा विधायक पवन सिंह के घर पर हमला, मचा बवाल
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पश्चिम बंगाल के भाटपारा इलाके में भाजपा विधायक पवन सिंह के आवास पर हमले की सूचना दी। यह घटना रविवार देर रात चुनावी प्रचार के चरम पर हुई। कथित तौर पर उपद्रवियों ने पत्थरों और देशी बमों का इस्तेमाल किया, जिसके परिणामस्वरूप वीआईपी की सुरक्षा कर रहे CISF के एक जवान को गोली लग गई।

यह हमला उत्तर 24 परगना जिले में हुआ, जहाँ उत्तर 24 परगना सहित सात जिलों में 142 सीटों पर बुधवार को बंगाल चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान होना है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। भाटपारा से मौजूदा विधायक पवन सिंह उसी सीट से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
CISF पवन सिंह और उनके पिता, भाजपा विधायक अर्जुन सिंह की सुरक्षा प्रदान करता है, जो नोआपाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिता-पुत्र की जोड़ी पर शुरू में जगतदल पुलिस स्टेशन के पास हमला किया गया था, लेकिन CISF कर्मियों ने उन्हें सुरक्षित उनके आवास तक पहुँचाया।
सुरक्षा उपाय और प्रतिक्रिया
बाद में, पवन सिंह के आवास को उपद्रवियों के एक समूह ने निशाना बनाया, जिन्होंने पत्थर बरसाए और देशी बम फेंके। हमले के दौरान गोलीबारी की भी सूचना मिली। वीआईपी सुरक्षा दल के सदस्य CISF के उप निरीक्षक राकेश कुमार ने वीआईपी की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा में गोली चलाई।
संघर्ष के दौरान, कांस्टेबल योगेश हमलावरों का मुकाबला करते समय अपनी बाईं पिंडली में गोली लगने से घायल हो गए। हमले के बावजूद, पवन सिंह सुरक्षित रहे क्योंकि हमलावर भागने पर मजबूर हो गए। घायल जवान को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह स्थिर बताया जा रहा है।
CISF की भूमिका और तैयारी
CISF ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह घटना सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्तमान में, बल गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा अधिकृत विभिन्न श्रेणियों के तहत 198 वीआईपी को सुरक्षा कवर प्रदान करता है। इन श्रेणियों में Z+ से Z, Y+, Y, और X स्तरों की सुरक्षा शामिल है।
With inputs from PTI












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