बेटी ने पिता के खिलाफ दर्ज कराया रेप का झूठा केस, कोर्ट ने दिया ये आदेश
अगस्त 2013 में 16 की लड़की ने पुलिस से शिकायत की थी उसके पिता ने न सिर्फ उसे गलत ढंग से छुआ बल्कि कई बार उससे रेप भी किया। शिकायत मिलने पर नवी मुंबई पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया था।
मुंबई। नाबालिग बेटी की ओर से यौन उत्पीड़न के आरोप झेल रहे एक शख्स को कोर्ट ने बरी कर दिया। महाराष्ट्र की ठाणे कोर्ट ने रेप का झूठा आरोप लगाने वाली बेटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। स्पेशल जज ने मामले की सुनवाई के दौरान लड़की की ओर से पेश किए गए झूठे सबूतों को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि लड़की के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो ताकि रेप और पॉक्सो जैसे कानूनों का गलत इस्तेमाल न हो।

पिता से झगड़े के बाद दर्ज कराई थी शिकायत
अगस्त 2013 में 16 की लड़की ने पुलिस से शिकायत की थी उसके पिता ने न सिर्फ उसे गलत ढंग से छुआ बल्कि कई बार उससे रेप भी किया। शिकायत मिलने पर नवी मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और अप्रैल 2014 में पॉक्सो एक्ट के तहत लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान जब सबूत गलत पाए गए तो लड़की ने सच का खुलासा किया। उसने कहा कि पिता से थोड़ी नोंकझोंक होने के बाद उसने जानबूझ कर झूठा केस दर्ज करा दिया था। कोर्ट ने कहा, 'समाज में यह कड़ा संदेश जाना चाहिए कि पॉक्सो एक्ट का गलत इस्तेमाल किसी भी हालत में न हो।'
झूठे केस में तीन साल जेल में बिताए
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि लड़की ने पॉक्सो एक्ट का गलत इस्तेमाल किया है और अपने ही पिता के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई। एक पिता के लिए यह काफी मुश्किल है और इससे उसे मानसिक आघात भी पहुंचा। उसने उस अपराध के लिए करीब तीन साल जेल में काट दिए जो कि उसने किया ही नहीं।'












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