तेलंगाना चुनाव प्रचार में मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्रों पर ही कर रहे फोकस, बीआरएस उम्मीदवारों की बढ़ी चिंता
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सत्ता में वापसी करने के पूरा जोर लगा रही है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर वोटरों को साधने के लिए रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं। हालांकि बीआरएस के उम्मीदवारों की चिंता उन्हीं की पार्टियों के मंत्रियों की वजह से हो रही है क्योंकि बीआरएस के मंत्री चुनाव प्रचार में अपने स्वयं के क्षेत्रामें में ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

बीआरएस के अधिकांश मंत्री अपने स्वयं के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिस कारण जिले के भीतर अन्य क्षेत्रों में अभियानों की वो उपेक्षा कर रहे हैं, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों को चिंता हो रही है। सामान्य तौर पर मंत्रियों से उम्मीद की जाती हे कि वो वो विधानसभा क्षेत्रों के साथ पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्रों में भी प्रचार करने पहुंचेंगे, लेकिन आगामी चुनाव से पहले तेलंगाना में ज्यादातर मंत्री स्वयं के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
महेश्वरम निर्वाचन क्षेत्र से बीआरएस प्रत्याशी सबिता को कांग्रेस और भाजपा से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। चुनाव मैदान में मंत्री सबिता का कांग्रेस के पूर्व विधायक के लक्ष्मा रेड्डी और भाजपा के श्रीरामुलु जैसे विरोधियों से मुकाबला है। वो अपने ही क्षेत्र में अपनी जीत पक्की करने के लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं, जिस कारण वो अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं पहुंच पा रही हैं।
नलगोंडा के सूर्यापेट से जगदीश जीत के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं उनका मुकाबला कांग्रेस द्वारा पूर्व मंत्री रामरेड्डी दामोदर रेड्डी को मैदान में उतारने और भाजपा द्वारा पूर्व विधायक संकिनेनी वेंकटेश्वर राव से है जिस कारण बीआरएस प्रत्याशी जगदीश भी पड़ोंसी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करने से बच रहे हैं।
ऐसे ही खम्मन निर्वाचन क्षेत्र से बीआरएस उम्मीदवार अजय की कड़ी टक्कर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता थुम्मला नागेश्वर राव से हैं इसके लिए उनके पास भी अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कोई चांस नहीं बन रहा।। मेडचल-मलकजगिरी में, मल्ला रेड्डी, अपने मौजूदा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, अपने निर्वाचन क्षेत्र को जीतने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। उन्होंने मलकजगिरी को कुछ समय आवंटित किया है, जहां उनके दामाद मैरी राजशेखर रेड्डी चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे अन्य क्षेत्रों में उनकी भागीदारी सीमित हो गई है।












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