दूध के टब में बैठकर वर्कर ने लिया जमकर मिल्क बॉथ, वीडियो हुआ वायरल और फिर.....
दूध के टब में बैठकर वर्कर ने लिया जमकर मिल्क बॉथ, वीडियो हुआ वायरल और फिर.....
बेंगलुरु। दुनिया नमूनों से भरी पड़ी है, ऐसे ही एक वीडियो की सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में शख्स कुछ ऐसा कर रहा है कि लोग उसे देखकर आश्चर्यचकित हो रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर इस वीडियो में ऐसी क्या खासियत है?

दूध के टब में डुबकी लगाकर किया जमकर स्नान
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक शख्स दूध से भरे हुए बड़े से टब में दूध से स्नान करता दिखाई दे रहा है। वो इस दूध के टब में आराम से लेटा हुआ है और उसका उसमें केवल सिर दिख रहा है और वो टब में से मग से दूध लेकर अपने सिर पर दूध डालकर ऐसे नहाता दिख रहा है कि मानो वो दूध नहीं पानी हो।

दूध में शाही स्नान का यह वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर फैल गया
बता दें ये वीडियो तुर्की के एक डेयर प्लांट का है। जहां प्लांट बंद होने बाद वहां काम करने वाला वर्कर दूध से भरे एक कंटेनर में डुबकी लगाकर मग से स्नान करने लगा। स्नान करने वाले शख्स का उसके साथी वर्कर ने एक वीडियो शूट कर लिया। वर्कर के इस दूध में शाही स्नान का यह वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर फैल गया और जल्दी ही विभिन्न प्लेटफार्मों में फैल गया। हुर्रियत डेली न्यूज के अनुसार, वीडियो कोनी के केंद्रीय अनातोलियन प्रांत में एक डेयरी प्लांट में रिकॉर्ड किया गया था।
Bir süt fabrikasında çekilen ve Tiktok'ta paylaşılan 'süt banyosu' videosu.
Fabrikanın 'Konya'da olduğu' iddia ediliyor. pic.twitter.com/erkXhlX0yM
— Neden TT oldu? (@nedenttoldu) November 5, 2020
वीडियो वायरल होने के बाद वकैर हुआ अरेस्ट, प्लांट मालिक ने दी ये सफाई
दूध से भरे कंटेनर में डुबकी लगाने वाले व्यक्ति की पहचान एरे सयार के रूप में की गई थी, और उसका वीडियो टीकटॉक पर उगुर दुर्गुट द्वारा अपलोड किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्लांट मालिक ने दी ये सफाई
हालांकि, डेयरी प्लांट ने कहा है उस वर्कर ने दूध में डुबकी नहीं लगाई, बल्कि वो प्लांट में सफाई के बाद निकले सफेद पानी और तरल पदार्थ के मिश्रण में वो बैठा था। उन्होंने दावा किया कि वीडियो उनकी कंपनी को बदनाम करने का एक प्रयास था और उन्होंने कहा कि वीडियो में वो सफेद तरल था जो वास्तव में अपने बॉयलर धोने के लिए इस्तेमाल किया गया था! दूसरी ओर, कोन्या एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट्री मैनेजर अली एरगिन ने इस घटना की जांच शुरू की और फैक्ट्री को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि संयंत्र को "मानव स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली परिस्थितियों के कारण" परिचालन से प्रतिबंधित किया गया था और जुर्माना भी जारी किया गया था।












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