मेघालय में BJP की रणनीति में नहीं हिंदुत्व? बीफ पर अर्नेस्ट मावरी का बयान मजबूरी या जरूरी, पढ़ें
मेघालय बीजेपी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि,'राज्य में बीफ पर कोई प्रतिबंध नहीं है और मैं भी बीफ का सेवन करता हूं।' ईसाई बाहुल्य राज्य में ये बयान ऐसे समय में आया है, जब यहां विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ चुका है।

Meghalaya Election 2023: मेघालय में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आते ही दावों और वादों का दौर चरम पर है। ईसाई बाहुल्य इस राज्य में अधिक से अधिक वोटर्स को अपने पाले में लाने की होड़ मची है। चुनाव में नैया पार लगाने की जद्दोजहद के बीच मेघालय बीजेपी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी का बयान सुर्खियों में छाया हुआ है। मेघालय बीजेपी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि राज्य में 'बीफ पर कोई प्रतिबंध नहीं है' और मैं भी बीफ का सेवन करता हूं।
मेघालय बीजेपी प्रमुख ने बीफ को लेकर दिया बड़ा बयान
दरअसल, मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होना है। राजनीति के हर दांव-पेंच से वाकिफ बीजेपी ने इन दो राज्यों में अपनी राजनीति को एकदम बदल दिया है। हिंदी बाहुल्य राज्यों में हिंदुत्व की राजनीति करने वाली पार्टी जब ईसाई बहुल राज्यों में पहुंची तो वोटरों को साधने के लिए कुछ ऐसे वादों को लेकर आगे बढ़ रही है, जोकि पार्टी की विचारधारा से बिल्कुल अलग हैं। हफ्तेभर पहले मावरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में NPP से गठबंधन, बीफ और CAA जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की।
गौरक्षक अभियान के बीच बीजेपी ने मेघालय में बदली रणनीति
असम के पड़ोसी राज्य मेघालय सहित भाजपा शासित राज्यों ने मवेशी वध, परिवहन और बीफ की बिक्री को विनियमित करने के लिए एक विधेयक पारित किया था। वहीं दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जो इस क्षेत्र में भाजपा का चेहरा हैं, लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे हिंदू बहुल क्षेत्रों में गोमांस खाने पर प्रतिबंध लगाएं। मानवाधिकार समूहों ने आरोप लगाया था कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने एक हिंसक गौरक्षक अभियान तेज कर दिया था।
यहां बीफ पर कोई प्रतिबंध नहीं मैं खुद खाता हूं- अर्नेस्ट मावरी
अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि, 'मैं अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव पर बयान नहीं दे सकता। हम मेघालय में हैं, हर कोई बीफ खाते हैं (यहां) और कोई प्रतिबंध नहीं है। हां, मैं भी बीफ खाता हूं, यह लोगों की जीवन शैली है, और इसे कोई नहीं रोक सकता है। भारत में भी ऐसा कोई नियम नहीं है।
Recommended Video
बीजेपी को ईसाई विरोधी बताने पर दिया ये जवाब
कुछ राजनीतिक दलों ने बीजेपी पर आरोप लगाए थे कि यह पार्टी ईसाई विरोधी है। इस आरोप पर जवाब देते हुए मावरी ने कहा कि यह सिर्फ 'राजनीतिक प्रचार' है। 'गोवा में भी भाजपा का शासन है और एक भी चर्च को निशाना नहीं बनाया गया है। नागालैंड के साथ भी ऐसा ही है। यह सिर्फ कुछ राजनीतिक दलों विशेष रूप से कांग्रेस, टीएमसी और यहां तक कि राज्य में कुछ सहयोगी दलों द्वारा किया गया राजनीतिक प्रचार है। यह सच नहीं है। मैं भी एक ईसाई हूं और उन्होंने मुझे चर्च जाने से कभी नहीं रोका।'












Click it and Unblock the Notifications