कश्मीर की लोकप्रिय गायिका से गुलाम नबी आजाद ने की है शादी, पद्मश्री से हैं सम्मानित, जानिए उनके बारे में
नई दिल्ली, 26 अगस्त। कांग्रेस पार्टी को शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है। आज पार्टी के वरिष्ठ और नामचीन नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है, उन्होंने पांच पन्नों का इस्तीफा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। आपको बता दें कि गुलाम नबी आजाद उन नेताओं मे शामिल हैं, जिनकी विरोधी दलों के लोग भी इज्जत करते हैं क्योंकि आजाद ने आज तक अपने किसी भी भाषण में किसी के लिए भी कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया है।

गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं आजाद
आपको बता दें कि गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने गुलाम नबी आजाद का जन्म 7 मार्च 1949 को कश्मीर के डोडा जिले के सोती नामक गांव में हुआ था, आजाद को लोग विनोद प्रिय, शांत और मधुर स्वभाव वाला नेता कहते हैं। गुलाम नबी आजाद ने वर्ष 1973 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था।
यहां देखें: जम्मू-कश्मीर की मशहूर लोक गायिका शमीम देव के गीतों का वीडियो

मशहूर लोक गायिका हैं आजाद की पत्नी
उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करें तो उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मशहूर लोक गायिका शमीम देव से शादी की है। अपनी मखमली आवाज के लिए शमीम देव पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं। साल 2007 में उन्हें कल्पना चावला एक्सीलेंस अवार्ड मिला था तो वहीं कला के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए साल 2010 के गणतंत्र दिवस पर उन्हें जम्मू और कश्मीर सरकार की ओर से विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया था।

गुलाम और शमीम को शादी से दो बच्चे हैं
गुलाम और शमीम को शादी से दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है, बेटे का नाम सद्दाम नबी आजाद और बेटी का नाम सोफिया नबी आजाद है। कहा जाता है कि एक कार्यक्रम के दौरान ही गुलाम नबी आजाद और उनकी पत्नी की पहली मुलाकात हुई थी।

राजनीतिक सफर
- वर्ष 1973 से वर्ष 1975 तक गुलाम नबी आजाद ब्लेसा की कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक सचिव रहे।
- साल 1975 में, गुलाम नबी आजाद को जम्मू एवं कश्मीर के युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
- वर्ष 1977 में, गुलाम नबी आजाद को डोडा जिले की कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने।
- इसके बाद वो अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव के पद पर नियुक्त हुए।
- गुलाम नबी आजाद वर्ष 1978 से 1981 तक ऑल इंडिया मुस्लिम यूथ कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष रहे।
- वर्ष 1982 में, गुलाम नबी आजाद ने कंपनी के मामलों और कानून के केंद्रीय उपमंत्री का पदभार संभाला और बाद में उसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में स्थानांतरित किए गए।
- वर्ष 1985 में, गुलाम नबी आजाद वाशिम निर्वाचन क्षेत्र से पुनः निर्वाचित हुए थे।
- वह गृह मंत्रालय और पोर्टफोलियो के पद से स्थानांतरित होकर खाद्य और नागरिक आपूर्ति के राज्य मंत्री के पद पर आसीन हुए।
- वर्ष 1986 में वे कांग्रेस कार्य कारिणी समिति के सदस्य बने।
- साल 1987 में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के रूप में आजाद नियुक्त हुए।
- वर्ष 1990 में गुलाम नबी आजाद राज्यसभा के सदस्य बने।
- साल 1991 में उन्हें पर्यटन और नागरिक उड्डयन का संविभाग सौंपा गया था।
- साल 2005 में इन्होंने जम्मू-कश्मीर के सीएम की कुर्सी संभाली और वो साल 2008 तक इस पद पर रहे।
- यूपीए 2 में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय संभाला।
- साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रचंड बहुमत के बाद गुलाम नबी आजाद विपक्ष के नेता बने।
- गुलाम नबी आजाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं, जिनमें युवा सेवा समिति, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड मंडल, नेशनलहेराल्ड , भारतीय सद्भावना हज प्रतिनिधि मंडल जैसी समितियां शामिल हैं।
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