मिलिए घाटी की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर से
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर अक्सर अलगाववादियों और यहां पर बढ़ते आतंकवाद की वजह से चर्चा में रहता है। यहां के युवाओं के बहकने और गलत रास्तों पर चलने की खबरें भी आती रहती हैं। लेकिन इन सबके बीच ही जब डॉक्टर रुवेदा सलाम
जैसे लोगों का नाम इस राज्य से जुड़ता है तो भरोसा होने लगता है कि यहां पर भी सबकुछ ठीक हो सकता है।

डॉक्टर रुवेदा सलाम जम्मू कश्मीर की पहली महिला आईपीएस आफिसर हैं। डॉक्टर रुवेदा न सिर्फ घाटी के युवाओं के लिए एक आदर्श के तौर पर उभरी हैं बल्कि उन्होंने यहां की हजारों लड़कियों को भी नई राह दिखाई है।
पिता का सपना पूरा किया
डॉक्टर रुवेदा के बारे में कुछ ऐसी बातें हैं जो उन्हें भीड़ से अलग करती हैं। उनके पिता उनसे अक्सर कहते थे कि उन्हें एक आईपीएस आफिसर बनना है। पिता की बात उन्हें काफी प्रभावित करती थी और इसी से प्रेरणा लेकर उन्होंने एक आईपीएस बनने का सपना देखा और उसे पूरा किया।
पोएट्री की शौकीन डॉक्टर रुवेदा
- डॉक्टर रुवेदा ने यूपीएससी की एग्जाम पास करने से पहले मेडिकल की डिग्री हासिल की।
- उनके पास श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से मिली एमबीबीएस की डिग्री है।
- यूपीएससी पास करने से पहले उन्होंने कश्मीर स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सविर्स एग्जाम को क्लीयर किया।
- मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बजाय उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस को चुना।
- वर्ष2013 में यूपीएससी के लिए क्वालिफाई।
- इसके साथ ही वह घाटी की पहली महिला आईपीएस अधिकारी भी बनीं।
- हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह पिछले आठ माह से चेन्नई में एसीपी के पद पर हैं।
- वह अपनी आईपीएस ट्रेनिंग को आईएएस की जिंदगी में उतारना चाहती हैं।
- वह सोशल वर्क में भी काफी एक्टिव हैं।
- उन्हें पोएट्री का शौक है तो वह नए-नए तरह के पकवान भी बनाती हैं।
- स्थानीय लोगों से मिलने और उनकी संस्कृति के बारे में जानने को काफी उत्सुक रहती हैं।
यूनिफॉर्म में देखकर मिलती है प्रेरणा
वह मानती हैं कि उन्हें देखकर शायद कश्मीर की बाकी लड़कियों को भी उनसे प्रेरणा मिले और वह भी नई दिशा की ओर बढ़ें। हैदराबाद में उन्होंने लड़कियों के लिए कई वर्कशॉप्स भी कंडक्ट की हैं। उनके मुताबिक जब लड़कियां उन्हें यूनिफॉर्म में देखती हैं तो वह भी आईपीएस बनने की बात करती हैं। हालांकि वह इस बात को लेकर निश्चिंत नहीं कि उनके माता-पिता उन्हें इसकी मंजूरी देंगे या नहीं।
बदलनी है एक सोच
डॉक्टर रुवेदा की मानें तो जैसे ही देश के बाकी हिस्सों में लोगों को मालूम चलता है कि आप कश्मीर से हैं तो उनके दिमाग में यह बात आ जाती है कि इसकी सोच देश के खिलाफ है। उन्हें इस मानसिकता को बदलना है और इसके लिए वह हमेशा कोशिश करती रहेंगी।












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