बोले स्वरूप- भारतीय अधिकारियों के खिलाफ पाक के आरोप बेबुनियाद, फोटो और नाम छापना बेहद गलत
भारत और पाक के बीच अब कूटनीतिक स्तर पर भी तनाव बढ़ता जा रहा है।
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के उस आरोप को खारिज किया है जिसमें कहा गया है कि पाक के इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के 8 राजनयिक, रिसर्च एंड एनलसिस विंग (RAW) के एजेंट हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक प्रेस वार्ता मे कहा कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वो बेबुनियाद हैं और हम उन्हें खारिज करते हैं।
स्वरूप ने कहा कि भारत और पाक के बीच समस्याओं की मुख्य जड़ है सीमा पार से आतंकवाद को पाकिस्तान का समर्थन। वो बतौर राज्य की नीति प्रोत्साहित भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए यह जरूरी है कि वो अपनी गलत नीतियों को बंद कर दे जिसके चलते वो कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ रहा है।
भारतीय अधिकारियों पर जासूसी के आरोप पर स्वरूप ने कह कि भारतीय अधिकारियों को गलत तरीके से फंसाया गया है। वो वहां दोनों मुल्कों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों के लिए लोगों से फील्ड में मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार 8 भारतीय अधिकारियों के नाम और फोटो प्रकाशित किए जाने का कड़ा विरोध करती है। इन 8 में चार के पास राजनयिक पासपोर्ट हैं।
हम नहीं करते सीजफायर उल्लंघन
सीमा पर सीजफायर उल्लंघन के मुद्दे पर स्वरूप ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल न तो सीजफायर उल्लंघन करते हैं और न ही नागरिकों को निशाना बनाते हैं। वो सिर्फ समायोजित तरीके से जवाब देते हैं।
स्वरूप ने कहा कि हम पाक की ओर से अकारण गोलीबारी के आरोप खारिज करते हैं। साथ ही पाक की ओर से की जा रही फायरिंग में नागरिकों के मारे जाने के मुद्दे पर हमने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक के प्रश्न पर स्वरूप ने कहा कि पाकिस्तान को अनुकूल वातावरण बनाना चाहिए जिसमें सार्क की बैठक हो सके साथ ही क्षेत्रीय समृद्धि के मुद्दों पर बातचीत हो सके।
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) के मुद्दे पर स्वरूप ने कहा कि हमने सदस्यता के लिए आवेदन दिया हुआ है। अब इस पर सदस्य देश फैसला लेंगे। हमने इस मामले पर चीन से भी बात की है।
ये है मामला
गौरतलब है कि हाल ही में भारत ने एक पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उससे पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी उच्चायोग में 16 अन्य लोग हैं जो भारत में एक बड़ा जासूसी नेटवर्क बनाए हैं। उसने पुलिस को उन 16 लोगों के नाम भी बताए थे।
इसके जवाब में खुन्नस निकालते हुए पाकिस्तान ने भी भारतीय उच्चायोग के 8 कर्मचारियों को पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों में लिप्त बता दिया है।
इतना ही नहीं, पाकिस्तानी मीडिया ने गुरुवार को उन 8 लोगों की तस्वीर और पहचान भी जारी कर दी है।
भारत ने बुधवार को ही इन आठों अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला कर लिया था। यह फैसला पाकिस्तान द्वारा दिल्ली के उच्चायोग से 6 अधिकारियों को वापस बुलाए जाने के चंद घंटों बाद ही ले लिया गया।












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