लद्दाख पर चीन के बयान को भारत ने किया खारिज, ड्रैगन को ठहराया अशांति के लिए जिम्मेदार
नई दिल्ली, 30 सितंबर: भारत-चीन के बीच लद्दाख में पिछले एक साल से सीमा विवाद जारी है। हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय ने लद्दाख में तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। जिस पर अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने पलटवार किया है। MEA ने कहा कि हम ऐसे बयानों को खारिज करते हैं। LAC पर चीन के सैनिकों के उत्तेजक व्यवहार और सभी द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के एकतरफा प्रयास की वजह से इलाके में अशांति फैली।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिकों, हथियारों की तैनाती जारी रखे हुए है। इस वजह से भारतीय सशस्त्र बलों की तैनाती उस इलाके में बढ़ानी पड़ी, ताकि इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ये कदम पूरी तरह से भारत ने अपनी सुरक्षा की दृष्टि से उठाया है। मंत्रालय ने आगे कहा कि ये हमारी अपेक्षा है कि चीनी पक्ष पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान की दिशा में काम करेगा। साथ ही पूरी तरह से द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करेगा।
उत्तराखंड में हुई थी घुसपैठ
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना के 100 से ज्यादा जवान उत्तराखंड की सीमा में घुसे थे। घटना 30 अगस्त की उत्तराखंड के बाराहोती इलाके की बताई जा रही है। उस दौरान चीनी सैनिकों ने करीब 5 किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ की। हालांकि बाद में चीनी वापस लौट गए। रिपोर्ट में बताया गया कि जाने से पहले भारतीय क्षेत्र में उन्होंने एक पुल को नुकसान पहुंचाया था। हालांकि ये खबर सूत्रों के हवाले से थी, जिस वजह से सुरक्षा एजेंसियां इसे खारिज कर रही हैं।
भारतीय सेना कर रही तैयारी
वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में चीनी घुसपैठ का खुलासा होने से सीमा पर भारतीय सेना की मूवमेंट बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक सेना और ITBP के जवान लगातार इलाके की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही इलाके में सैन्य साजो-सामान और हथियार पहुंचाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आधुनिक तोपों को सीमा के समीप चौकियों तक ले जा गया है।












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