• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

राजस्थान में कांग्रेस के पूर्ण बहुमत के सपने को तोड़ सकती हैं मायावती

|

नई दिल्ली। राजस्थान में पिछले महीने जिस तरह से कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, उसके बाद पार्टी के हौसले बुलंद हैं। हालांकि पार्टी यहां बहुमत के आंकड़े से कुछ ही कदम दूर रह गई थी, लेकिन अन्य सहयोगियों की मदद से पार्टी ने यहां सरकार का गठन किया था। पार्टी ने यहां राष्ट्रीय लोक दल के साथ चुनाव से पहले गठबंधन किया था, लिहाजा चुनाव के विधायक अजीत सिंह ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन में बसपा के एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक की भूमिका काफी अहम है।

कांग्रेस के लिए अहम चुनौती

कांग्रेस के लिए अहम चुनौती

आपको बता दें कि राजस्थान में विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जिसमे से 199 सीटों पर चुनाव हुआ था, ऐसे में पार्टी को पूर्ण बहुमत के लिए 100 सीटों की जरूरत थी, लेकिन कांग्रेस ने प्रदेश में 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लिहाजा पार्टी को अपने अन्य सहयोगियों की ओर देखना पड़ा। रामगढ़ विधानसभा सीट पर इस महीने चुनाव होना है, लिहाजा कांग्रेस इस बात की पूरी कोशिश करेगी कि उसे इस सीट पर जीत दर्ज मिले ताकि वह प्रदेश में पूर्ण बहुमत हासिल कर सके।

बसपा करेगी राह मुश्किल

बसपा करेगी राह मुश्किल

लेकिन कांग्रेस की इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा बहुजन समाज पार्टी है। प्रदेश में बसपा के पास कुल 6 विधायक हैं, लिहाजा पार्टी रामगढ़ की सीट पर अपनी पूरी ताकत लगाएगी और कांग्रेस को इस चुनाव मजबूत मुकाबला देने की कोशिश करेगी। बसपा की ओर से फैसला लिया गया है कि वह रामगढ़ की सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह को मैदान में उतारेगी। आपको बता दें कि जगत सिंह इससे पहले भाजपा में थे, बाद में वह बसपा में शामिल हो गए। जब कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया तो उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था।

नटवर सिंह करेंगे लोगों से अपील

नटवर सिंह करेंगे लोगों से अपील

जगत सिंह को बसपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नटवर सिंह ने कहा कि मैं लोगों से अपील करूंगा कि वह मेरे बेटे को वोट दें क्योकि मैं 90 वर्ष का हो गया हूं। मैं लोगों को कहूंगा कि मेरे बेटे को वोट दें और उसे विधानसभा भेजें। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार साफिका खान इस बात को लेकर खास चिंतित नहीं हैं कि उनके खिलाफ नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह मैदान में हैं। सीमा सिंह ने कहा कि 100 का आंकड़ा जादुई है, जबसे हम सत्ता में आए हैं और हमने जो काम किया है उसका चुनाव में निश्चित असर देखने को मिलेगा।

28 जनवरी को चुनाव

28 जनवरी को चुनाव

आपको बता दें कि रामगढ़ में 28 जनवरी को चुनाव होगा, जबकि दो दिन बाद चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस विधानसभा सीट पर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय इसलिए मतदान नहीं हो सका था क्योंकि बसपा उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह की दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया था। लक्ष्मण सिंह के निधन के बाद इस सीट पर चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इस सीट पर भाजपा की ओर से सुखवंत सिंह पार्टी की उम्मीदवार होंगे, जो कांग्रेस और बसपा को चुनौती देंगे।

इसे भी पढ़ें- 'अगर आपकी रगों में बाला साहेब का खून है तो भाजपा से गठबंधन तोड़कर दिखाओ'

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Mayawati to pose big challeneg against Congress in Rajasthan Ramgarh assembly election.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X

Loksabha Results

PartyLWT
BJP+82271353
CONG+266389
OTH7723100

Arunachal Pradesh

PartyLWT
BJP101626
CONG033
OTH5510

Sikkim

PartyLWT
SKM31013
SDF5510
OTH000

Odisha

PartyLWT
BJD1130113
BJP22022
OTH11011

Andhra Pradesh

PartyLWT
YSRCP5299151
TDP111223
OTH101

TRAILING

Bharat singh Solanki - INC
Anand
TRAILING
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more