मायावती का भाजपा पर हमला, चुनावी फायदे के लिए अयोध्या केस में कूद रही सरकार
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि भाजपा पर चुनावी फायदे के लिए अयोध्या मामले को उठा रही है। मायावती ने कहा है कि मोदी सरकार का अयोध्या में गैर विवादित भूमि को वापस लौटाने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने का कदम एक चुनाव के लिए उठाया गया है क्योंकि सपा-बसपा गठबंधन के बाद वो अपनी हार को सामने देख डरे हुए हैं।

सांप्रदायित तनाव बढ़ाना चाहती है भाजपा
बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि भाजपा ने यह सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने के लिए किया है और लोग इनसे सावधान रहें। भाजपा संविधान की धज्जियां उड़ाने से नहीं चूक रही है और वो सब भी कर रही है, जो एक निर्वाचित सरकार को नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक विवादास्पद मुद्दे के मौजूदा कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का दबाव अस्वीकार्य है।

मुद्दों पर फेल तो मंदिर का सहारा
मायावती ने कहा, उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा के एक साथ आ जाने से डरी भाजपा इस तरह के कदम उठा रही है। देश में जबरदस्त गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर ये सरकार बुरी तरह से फेल हुई है। सरकार अपने चुनावी वादों को भी पूरा करने में विफल रही है। इसलिए अब अयोध्या में मंदिर और धर्म से जुड़े मामलों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार ने अयोध्या के बाबरी मस्जिद-राम मंदिर केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि अयोध्या में जो गैर विवादित स्थल है, उसे रामजन्मभूमि न्यास को वापस सौंप दिया जाए। सरकार की ओर से कहा गया है कि जिस भूमि पर रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद है वह सुप्रीम कोर्ट अपने पास रखे।

आक्रामक दिख रही हैं मायावती
सपा के साथ गठबंधन के बाद मायावती भाजपा और कांग्रेस दोनों पर ही आक्रामक दिख रही हैं। एक दिन पहले ही मायालती ने राहुल गांधी के 'न्यूनतम आय गारंटी' के वादे को 'गरीबी हटाओ' नारे की तरह नकली करार दिया था। मायावती का कहना है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगा।












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